तोला बंदत हों दिन रात गा मोर ईशु राजा जय होवे तोर...गीत-

ग्राम-रोदीटोला, थाना-अमरकंटक, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से अशोक बांधव एक गीत सुना रहे हैं:
तोला बंदत हों दिन रात गा मोर ईशु राजा जय होवे तोर-
मोर मसीह राजा जय होवे तोर-
बड़े बिहनिया सूत उठ के तोरेच गुन ला गाथव-
तोर गुन ला गा के भईया, काम बुता ला करथो-
तोर महिमा ला करके भईया काम बुता ला करथो...

Posted on: Mar 12, 2019. Tags: ANUPPUR ASHOK BANDHAV MP SONG VICTIMS REGISTER

गांव के निवासी पक्की सड़क के लिये बार-बार आवेदन करते हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती...मदद की अपील-

ग्राम-बटई, पोस्ट-रेवटी, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से दुर्गेश पटेल बता रहे हैं कि उनके गांव में पानी और सड़क की समस्या है| पक्की सड़क न होने कारण बारिश के दिनों कीचड़ हो जाता है| जिससे लोगो को आने जाने में दिक्कत होती है| लोगों ने कई बार समस्या के निराकरण के लिये आवेदन किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है| इसलिए वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं कि दिये गये नंबरों पर बात कर समस्या को हल कराने में मदद करें: सरपंच@7089303090, कलेक्टर@94252700001. संपर्क नंबर@7509265773.

Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG DURGESH PATEL PROBLEM ROAD SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

माँ मुझे भी इतनी फौलाद बना दो...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
माँ मुझे भी इतनी फौलाद बना दो-
मै भी एक कुशल सैनिक बन जाऊं-
सरहदों में जाकर भारती माँ का काम आऊँ-
दुश्मन घुसपैठियों से डटकर लड़ पाऊँ-
न करूँ अत्याचार न अत्याचारियों को देखूं-
हंसते-हंसते अत्याचारियों पर गोली बरसाऊँ...

Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

राह लंबी हो गई या राही सक्षम नहीं, जाना था उस पार, पर यहीं का यहीं रह गये...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
राह लंबी हो गई या राही सक्षम नहीं-
जाना था उस पार, पर यहीं का यहीं रह गये-
छू लेना था असमान पर कद नाटे हो गये-
चीज यहां की चका चौंद उसी भवर में फस गये-
राह लंबी हो गई या राही सक्षम नहीं-
जाना था उस पार, पर यहीं का यहीं रह गये...

Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

अगहन कातिक परे पला, अऊ जेठ बैसाख करे कला...कविता-

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं:
अगहन कातिक परे पला, अऊ जेठ बैसाख करे कला-
सांथी जंगल झाड़ होये उजाला-
अऊ गढ़ा, नदी सूखे नाला-
जंगल झाड़ होय ई उजराला-
पानी बिना पवन अऊ पवन बिना धान-
जल बिन मछली पवन बिन धान...

Posted on: Mar 12, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM PRATAPPUR SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER

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