नवा साल आवत है, बोकरा मुर्गी मन घबरावत है...कविता -

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया नये साल के उपलक्ष्य में एक कविता सुना रहे है:
नवा साल आवत है-
बोकरा मुर्गी मन घबरावत है-
का होई हमार जीवन हर पानी-
भीतर मछली मन डरावत है-
नाचते गाते डीजे बजाते-
आउर दारु के नदियाँ बहाते-
देख के तमाशा ला-
मुश्वा गला घबरात है..

Posted on: Dec 28, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

Impact: Broken handpumps from 6 months got repaired after CGnet report...

वार्ड क्रमांक 20 ग्राम-कटरा, जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से सरला श्रीवास के साथ में पतराज सिंह मरकाम बता रहे है कि उनके मोहल्ले के वार्ड 20 में 2 हैण्डपम्प थे जो 6 महीने से ख़राब पड़े थे और लगभग 150 लोग उससे बहुत परेशान थे जो उन हैंडपंप पर निर्भर थे. उसके लिए उन्होंने बड़े अधिकारियो के पास भी आवेदन दिए थे लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहे थे तो उन्होंने एक महीना पहले सीजीनेट स्वर में एक सन्देश रिकॉर्ड करने के बाद सीजीनेट के साथियों की मदद से उसके 3 सप्ताह बाद हैण्डपम्प बन गए है इसलिए सीजीनेट सुनने वाले साथियों को जिन्होंने अधिकारियों को फोन कर के दबाव डाला और उन अधिकारियो को वे धन्यवाद दे रहे है जिन्होंने उनकी मदद की. सरला श्रीवास@9479416334.

Posted on: Dec 27, 2017. Tags: HANDPUMP PATRAJ SINGH MARKAM SONG VICTIMS REGISTER WATER

नवा साल आवथे, बोकरा मुर्गी डरावथे...नए वर्ष पर कविता -

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया नया साल के आने पर एक कविता सुना रहे हैं :
नवा साल आवथे, बोकरा मुर्गी डरावथे – का होही हमर जीवन हर पानी भीतरी मछरी मन घबरावथे – नाचथै गाथै डीजे बजाथै – दारू कर नदिया बहाथैं – तमासा ला देख के मुसुवा मन घबराथै – नवा साल आवथे, नवा साल आवथे...

Posted on: Dec 27, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

सीटी की तर्ज में सरगुजिहा गीत...होली है -

ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया आज सीटी की तर्ज में एक सरगुजिहा फागुन गीत सुना रहे है: होली है...कैलाश पाया गाय चराते हैं होली आने में तो अभी देर है पर गाय चराते चराते जब भी उनको खाली समय मिलता है वे सीजीनेट के श्रोताओं के साथ अपने गीत, अपनी बांसुरी की धुन और आज सीटी से फागुन गीत सुना रहे हैं. वे पढ़े लिखे नहीं हैं, बचपन में उनको स्कूल जाने का मौक़ा नहीं मिला पर वे कहते हैं कि उनको भगवान का दिया कम्प्युटर बहुत तेज है. वे अपने ही दिमाग में कविता और गीत की रचना करते हैं धुन कहीं से सुनते हैं या खुद भी बनाते हैं और अपने मोबाइल फोन से गाय चराते चराते इन गीत, कविता और कभी बांसुरी और सीटी की धुनों को हम सभी को सुनाते हैं. वे बहुत सी समस्याएँ भी हल कर लेते हैं...

Posted on: Dec 26, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

मानक मातर मानक मातर मैना काबर रोये...पारंपरिक सैला गीत -

ग्राम-देवरी, पोस्ट, थाना-चंदोरा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक पारंपरिक सैला गीत सुना रहे हैं :
मानक मातर मानक मातर मैना काबर रोये – पूछा तो रे संग सहेली मैना काबर रोये – मै तो जाने मै तो जाने चुरुवा बर रोये – मानक मातर मानक मातर मैना काबर रोये...

Posted on: Dec 23, 2017. Tags: KAILASH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER

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