स्वास्थ्य स्वर : पेशाब से संबंधित समस्या का घरेलू उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी पेशाब में रुकावट आना और जलन होने की समस्या का घरेलू उपचार बता रहे हैं| सफ़ेद मूसली चूर्ण 100 ग्राम, मिश्री 100 ग्राम, चंदन का तेल 50 ml | सभी को इकठ्ठा कर लें| उसके बाद सफेद मूसली और मिश्री को पीस कर चूर्ण बना लें| एक-एक चमच चूर्ण भोजन के बाद दिन में दो बार चंदन का तीन बूंद तेल मिलाकर सेवन करें| उसके बाद दूध के साथ सेवन करें| लाभ हो सकता है| मिर्च, मसाला, तेल खटाई, गरिष्ठ भोजन का प्रयोग न करें| नशा न करे| मैदा, शक्कर, नमक का प्रयोग कम करें| गर्म चीजों का ज्यादा प्रयोग न करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : एच डी गांधी@9111061399.
Posted on: May 10, 2019. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : पथरी बीमारी का घरेलू उपचार-
ग्राम-रहेंगी, पोस्ट-लोरमी, जिला-मुंगेली (छत्तीसगढ़) से वैद्य चंद्रकांत शर्मा पथरी बीमारी का घरेलू उपचार बता रहे हैं| जिन्हें इस तरह की समस्या हो| वे पथरचट्टा पौधे की एक या दो पत्ता लेकर सेंधा नमक के साथ सेवन करें| इससे पथरी की समस्या से आराम मिल सकता है, साथ ही पाचन शक्ति में लाभ हो सकता है| अधिक जानकारी के लिये| संपर्क कर सकते हैं: चंद्रकांत शर्मा@9893327457.
Posted on: May 09, 2019. Tags: CG CHANDRAKANT SHARMA HEALTH MUNGELI SONG VICTIMS REGISTER
हंसी गयी, खुशी गया, गया मन का उमंग...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
हंसी गयी, खुशी गया, गया मन का उमंग-
देख बुढ़ापा की परछाई, मन का गया ठसन-
आया याद ऊस दिन का, जब था वो यंग-
खूब इतराया जग में, अपने बल बाजू के संग-
नहीं डरा नहीं झुका चलता रहा वो निडर-
देख बुढ़ापा की परछाई, होने लगा कुछ-कुछ डर...
Posted on: May 09, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER
हम मेहनतकस जग वाले से जब अपना हिस्सा मांगेंगे...कविता-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
हम मेहनतकस जग वाले से जब अपना हिस्सा मांगेंगे-
एक खेत नहीं एक देश नहीं, हम सारी दुनिया मांगेंगे-
यहां पर्वत-पर्वत हीरे हैं, यह सागर सागर मोती हैं-
यह सारा मान हमारा है, हम सारा खजाना मांगेंगे-
हम मेहनतकस वाले थे, जब अपना हिस्सा मांगेंगे-
हम मेहनतकस जग वाले से जब अपना हिस्सा मांगेंगे...
Posted on: May 09, 2019. Tags: CG KAILASH SINGH POYA POEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
सूरज आज बरसा रही है अपना सारी आग...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सूरज आज बरसा रही है अपना सारी आग-
इतने दिनो सो रहा था, मनो गया है आज जाग-
लगता है जला डालेगा, धरती का कोना कोना-
नहीं छोड़ेगा शायद एक भी सुंदर सलोना-
नदी, नाला, ताल, तलईया, सबको सुखा कर ही मानेगा-
जीव, जन्तु सभी को रुला कर ही मानेगा...
