कोमरा भाइयों को जोल कोमरा क्यों कहते हैं... गोंडी कहानी
उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नेमा लाल कोमरा गोंडी में बता रहे हैं कोमरा भाइयों को जोल कोमरा क्यों कहते हैं ? देव परमाहमुदिया बाबा जिसे धरती का राजा भी कहा जाता हैं, अपने सुपुत्री हलियाल कुवारी को दमांद उसेह्मुदिया को शादी उपरांत आशीर्वाद स्वरूप जो शब्द बोले कि घर के हर पाटी में झुलना झूले यह आशीष दिये और वास्तव में वही सत्य हुआ ,बच्चे हर पाटी में झुलना लगाने की जरूरत पड़ गई जिन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था,झुलना झूलाने वाले लोग भी परेशान होकर रुलाने का काम करते थे,ये सब देखते हुए उसेह्मुदिया की पत्नी हलियाल डोकरी ने सोची और अपने पिताजी के पास चली गई और अपनी समस्या बताई तो परमाह देव ने कोवा पुत्र को अपने दीदी के साथ जाने के लिए कहा तो सम्मान भेजा गया और चले गये, जाने के बाद हलियाल डोकरी ने अपने भाई का नाम बदल दी. कोवा से कोमरा हर जगह बताई. भाई ने अपने दीदी के बाल -बच्चे की सेवा में सवैद तत्पर रहे कोमरा का काम केवल दीदी के बच्चो का झुलना झुलाना किस तो ज़माने से करते आये इसी झूला झुलाने का काम के अनुसार कोमरा भाईयों को गोंडी भाषा में जोल कोमरा के नाम से जाना जाता हैं
Posted on: May 13, 2018. Tags: NEMALAL KUMRA GONDI
हमारे सबसे बड़े आदिवासी देव नंदराज राजा को मारकर एनएमडीसी खदान खोला गया है...
दक्षिण बस्तर दन्तेवाडा (छत्तीसगढ़) से भूतपूर्व कांग्रेस नेता पजामी मंडावी गोंडी भाषा में आदिवासी जात्रा में आदिवासी देव नन्दराज राजा के बारे में ग्रामीणों को बता रहे हैं. राजा को मार कर एनएमडीसी खोला गया है इसलिए हमारे समाज के लोग जग जाओं और अधिक से अधिक लोग एक हो. हमारा जल जंगल जमीन सब छीन कर ले जा रहे हैं. हम पढ़े लिखे नहीं हैं फिर भी आज अपने लोग नहीं जागेंगे तो जैसे अपने नन्दराज को मार कर पहाड़ी छीने हैं वैसे ही आगे भी करेंगे. यहाँ नन्द राजा का जात्रा पूजा पाट सिर्फ दो गाँव के लोग करते हैं, बेगपाल और लोहागांव अगले साल ज्यादा से ज्यादा लोग आए और अपने आदिवासी समाज के लोग एक हो |
Posted on: May 12, 2018. Tags: PAJAMI MANDAVI GONDI
मेंढालेखा में हम अपनी ग्रामसभा सर्वसम्मति से पारंपरिक व्यवस्था के अनुसार ही चला रहे हैं...
ग्राम-मेंढालेखा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से उतम आतला गाँव के निवासी देवा जी तोफा से गोंडी भाषा में चर्चा कर रहे हैं, वे बता रहे हैं, ग्राम सभा का जो अधिकार हमें मिला है, 5 अनुसूची, उसमे जो हमारे जीवन जीने की पद्धति, संस्कृति, समाज व्यवस्था, न्याय व्यवस्था है, उसे सोच समझ कर चला रहे है, उनके अनुसार जो जल-जंगल, जमीन है, वह शासन का नही बल्की वहां के रहने वाले लोगो का है, चाहे वो आदिवासी हो या गैर आदिवासी हो और उसे किसी से मांगने की जरूरत नही है, आज इस बात को युवा पीढ़ी को समझना जरुरत है, वह इसे ग्राम सभा के माध्यम से सर्व सम्मति से मिल कर चला रहे हैं|
Posted on: May 12, 2018. Tags: UTTAM ATALA GONDI
तेदट तो भूमकाल उंदी बेरा तेदट तो...गोंडी जागरूकता गीत
जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नेमालाल कुमरा एक गोंडी जागरूकता गीत सुना रहे है:
तेदट तो भूमकाल उंदी बेरा तेदट तो-
तेदट तो, तेदट तो गोंडवाना तोर तेदट तो-
तेद सो मत्तोर गुण्डातोर-
लड़े मतोंड गोंडवाना ता काजे-
लड़े मतोंड भूमकाल ता काजे-
तेदट तो भूमकाल उंदी बेरा तेदट तो...
Posted on: May 11, 2018. Tags: NEMALAL KUMRA GONDI
गोंड समाज के इरपाचे गोत्र के साथियों की महाराष्ट्र में हो रही पूजा से गोंडी भाषा में रिपोर्ट...
जामुन ढाना, ग्राम-धावडी, जिला-बैतूल (मध्यप्रदेश) के दशरथ इरपाचे इस वक्त महाराष्ट्र राज्य के अमरावती जिले के वरुड तहसील में है, जहां इरपाचे सरनेम वालो का गाड्वा पूजा हो रहा है मतलब वे सभी मिलकर उनके एक अंगा देव की पूजा कर रहे हैं | वे अपनी गोंडी भाषा में यह बता रहे हैं कि विशाल इरपाचे परिवार के सदस्य महाराष्ट्र बार्डर के इस इलाके में पेन पूजा कर रहे हैं | यहाँ पर वे साथियों से गोंडी के मानकीकरण के बारे में भी बातचीत कर रहे हैं जिससे गोंडी की मानक शब्दावली का जो काम २०१४ से शुरू हुआ है वह काम जल्द समाप्त हो और गोंडी में प्रशासन, शिक्षा और पत्रकारिता का काम शुरू हो. दशरथ इरपाचे@8120217335.


