मेंढालेखा में हम अपनी ग्रामसभा सर्वसम्मति से पारंपरिक व्यवस्था के अनुसार ही चला रहे हैं...
ग्राम-मेंढालेखा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से उतम आतला गाँव के निवासी देवा जी तोफा से गोंडी भाषा में चर्चा कर रहे हैं, वे बता रहे हैं, ग्राम सभा का जो अधिकार हमें मिला है, 5 अनुसूची, उसमे जो हमारे जीवन जीने की पद्धति, संस्कृति, समाज व्यवस्था, न्याय व्यवस्था है, उसे सोच समझ कर चला रहे है, उनके अनुसार जो जल-जंगल, जमीन है, वह शासन का नही बल्की वहां के रहने वाले लोगो का है, चाहे वो आदिवासी हो या गैर आदिवासी हो और उसे किसी से मांगने की जरूरत नही है, आज इस बात को युवा पीढ़ी को समझना जरुरत है, वह इसे ग्राम सभा के माध्यम से सर्व सम्मति से मिल कर चला रहे हैं|
