कोमरा भाइयों को जोल कोमरा क्यों कहते हैं... गोंडी कहानी
उतर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से नेमा लाल कोमरा गोंडी में बता रहे हैं कोमरा भाइयों को जोल कोमरा क्यों कहते हैं ? देव परमाहमुदिया बाबा जिसे धरती का राजा भी कहा जाता हैं, अपने सुपुत्री हलियाल कुवारी को दमांद उसेह्मुदिया को शादी उपरांत आशीर्वाद स्वरूप जो शब्द बोले कि घर के हर पाटी में झुलना झूले यह आशीष दिये और वास्तव में वही सत्य हुआ ,बच्चे हर पाटी में झुलना लगाने की जरूरत पड़ गई जिन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था,झुलना झूलाने वाले लोग भी परेशान होकर रुलाने का काम करते थे,ये सब देखते हुए उसेह्मुदिया की पत्नी हलियाल डोकरी ने सोची और अपने पिताजी के पास चली गई और अपनी समस्या बताई तो परमाह देव ने कोवा पुत्र को अपने दीदी के साथ जाने के लिए कहा तो सम्मान भेजा गया और चले गये, जाने के बाद हलियाल डोकरी ने अपने भाई का नाम बदल दी. कोवा से कोमरा हर जगह बताई. भाई ने अपने दीदी के बाल -बच्चे की सेवा में सवैद तत्पर रहे कोमरा का काम केवल दीदी के बच्चो का झुलना झुलाना किस तो ज़माने से करते आये इसी झूला झुलाने का काम के अनुसार कोमरा भाईयों को गोंडी भाषा में जोल कोमरा के नाम से जाना जाता हैं

