शहीदों की चिताओं पर खाड़ी हुई स्वतंत्रता...गीत-

दरभा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से घनश्याम बघेल एक हल्बी गीत सुना रहे हैं:
शहीदों की चिताओं पर खाड़ी हुई स्वतंत्रता-
आज लड़खड़ा रही क्या हुआ नहीं पता-
क्या हुआ नहीं पता-
मेरे वतन, मेरे वतन, मेरे वतन-
कुर्बानियों के बाद ये स्वतंत्रता मिली है-
लबो पे मुस्कुराती लबी लबी खिली है-
दुवाय किधर से उठ रहा है लूट आओ कैसे-
ये गोलियों के बरकराने भूख प्यास कैसे...

Posted on: Jan 06, 2020. Tags: BASTAR CG SONG SUKHDAI KACHLAM VICTIMS REGISTER

भारत के गांव गांव में सीखेंगे पढ़ना लिखना...गीत-

महकापाल, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से मिटो नाग और लक्ष्मी नाग एक गीत सुना रहे हैं:
भारत के गांव गांव में सीखेंगे पढ़ना लिखना-
कैसे सुंदर देश होगा, पूरा होगा जल्दी पढाई-
रायपुर के गांव गांव में सीखेंगे पढ़ना लिखना-
ऐसे सुंदर देश होगा पूरा होगा जल्दी पढाई-
भारत के गांव गांव में सीखेंगे पढ़ना लिखना-
कैसे सुंदर देश होगा, पूरा होगा जल्दी पढाई...

Posted on: Jan 06, 2020. Tags: BASTAR CG SONG SUKHDAI KACHLAM VICTIMS REGISTER

मै पतझड़ की एक काली, तुम चाहो तो खिल जाऊं...कविता-

महकापाल, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से पूनम और कुमे एक कविता सुना रहे हैं:
मै पतझड़ की एक काली, तुम चाहो तो खिल जाऊं-
पर एसी मेरी चाह नहीं, माली में घुस जाऊं-
एक यही अभिलाषा मै सबको गले लगाऊं-
इन नन्ही नन्ही कलियों संग मै झूम झूम कर गाऊं-
उठ निकल प्यार की बाधा पर सुंदर राग सुनाऊं-
मै पतझड़ की एक काली, तुम चाहो तो खिल जाऊं-
पर एसी मेरी चाह नहीं, माली में घुस जाऊं...

Posted on: Jan 06, 2020. Tags: BASTAR BUDHMAN SINGH CG POEM SONG VICTIMS REGISTER

नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ...कविता-

महकापाल, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से शिव सागर एक कविता सुना रहे हैं :
नन्हा मुन्ना राही हूँ, देश का सिपाही हूँ-
बोलो मेरे संग-
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद-
रस्ते में चलूंगा न डर-डर के-
चाहे मुझे जीना पड़े मर-मर के-
मंज़िल से पहले ना लूंगा कहीं दम-
आगे ही आगे बढ़ाऊंगा कदम...

Posted on: Jan 06, 2020. Tags: BASTAR CG POEM SONG SUKHDAI ATARAM VICTIMS REGISTER

सावित्री बाई फूले का जीवन...

सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। इनके पिता का नाम खन्दोजी नेवसे और माता का नाम लक्ष्मी था। सावित्रीबाई फुले का विवाह 1840 में ज्योतिबा फुले से हुआ था।
सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थीं उनको महिलाओं और दलित जातियों को शिक्षित करने के प्रयासों के लिए जाना जाता है। ज्योतिराव, जो बाद में ज्योतिबा के नाम से जाने गए सावित्रीबाई के संरक्षक, गुरु और समर्थक थे। 1852 में उन्होंने बालिकाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की। वे स्कूल जाती थीं, तो विरोधी लोग पत्थर मारते थे। उन पर गंदगी फेंक देते थे। आज से 160 साल पहले बालिकाओं के लिये जब स्कूल खोलना पाप का काम माना जाता था कितनी सामाजिक मुश्किलों से खोला गया होगा|

Posted on: Jan 06, 2020. Tags: MP REWA SONG STORY SUSHAMA VICTIMS REGISTER

« View Newer Reports

View Older Reports »