होली खेलें रघुबीरा जनकपुर होली खेलें रघुबीरा....होली गीत
मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक होली गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
होली खेलें रघुबीरा जनकपुर होली खेलें रघुबीरा-
केकर हाथ कनक पिचकारी केकर हाथ अबीरा-
जनकपुर होली खेलें रघुबीरा-
राम के हाथ कनक पिचकारी सीता के हाथ अबीरा-
जनकपुर होली खेलें रघुबीरा-
केकर भीगे है लहंगा-चुनरी केकर भीगे शरीरा-
जनकपुर होली खेलें रघुबीरा-
सीताजी के भीगे लहंगा-चुनरी राम के भीगे शरीरा-
जनकपुर होली खेलें रघुबीरा......
Posted on: Mar 24, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
होली रंगमहल में खेलत अवधनरेश...होली गीत
मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार होली गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
होली रंगमहल में खेलत अवधनरेश-
अतर गुलाल अबीर क जोड़ी-
लखन सहित जगदीश-
होली रंगमहल में खेलत अवधनरेश-
झांझ मृदंग पखावज बाजे-
डफली बांसुरी झमकारा-
होली रंगमहल में खेलत अवधनरेश...
Posted on: Mar 22, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
फागुन की आइल मस्त महीना खिल के भइल कचनार...फाग गीत
मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार भोजपुरी में एक फागुन गीत प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसे होली के समय गाया जाता है:
फागुन की आइल मस्त महीना खिल के भइल कचनार-
भंवरा बनके आजा आजा रहिया जोही तोहार-
बलमुआ हो मोरे सजनवा हो कब ले करइबा इंतज़ार-
कोयली की तान बान इयरा में मारेला-
बनके बेदर्दी काहें जियरा तू जारेला-
पपिहा की पी पी से हुके मोरा मनवां-
हरिअर होइगा जवार रहिया जोही तोहार-
मोरे बलमुआ हो कब ले करइबा इंतज़ार...
Posted on: Mar 20, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
हमारे पास में ही फैला चारों ओर अन्धकार है....मशाल गीत
मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
हमारे पास में ही फैला चारों ओर अन्धकार है-
मशाल लेके चलो साथियों करना अंधियारा दूर है-
सच ही कहा है सबने हमको मंजिल तुम्हारी दूर है-
मशाल लेके चलो साथियों करना अंधियारा दूर है-
कहीं अन्न का भूखा कोई दाने को मोहताज है-
ध्वस्त करें हम मिल्जुल्के ऐसे राजकाज है-
मीडिया राजनीति की सत्ता सबका खतरनाक गठजोड़ है-
चलो बताएं मिलजुलके हममें कितना जोर है...
Posted on: Mar 15, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
अपना देश बनाने वाले हम छोटे बच्चे...देशभक्ति बाल गीत
मालीघाट,जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक देशभक्ति बाल गीत सुना रहे हैं :
अपना देश बनाने वाले हम छोटे बच्चे-
नव निर्माण रचाने वाले हम छोटे बच्चे-
हम बेटे भारत माता के सपनो को महकाते हैं-
विपदाओं को चीर-चीर कर आगे बढ़ जाते हैं-
मन के फूल खिलाने वाले हम छोटे बच्चे-
हम हैं हिन्द महासागर से खुशियों में लहराते हैं-
और हिमालय पर्वत जैसी ऊँचाई अपनाते हैं-
हम नदियों से मिल जाने वाले हम छोटे बच्चे-
हम हैं जो खुशहाली लाते खेतो को सरसाते हैं-
युद्ध काल में या अकाल में हम बादल बन जाते हैं-
सोया देश जगाने वाले हम छोटे बच्चे-
हम संस्कृति की लाज बचाने भगत सिंह बन जाते हैं...
