दुनों के सेवा अइसन कौनों काम नइखे...भोजपुरी गीत

मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार माता-पिता के महत्व के विषय में एक गीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
दुनों के सेवा अइसन कौनों काम नइखे-
माई-बाप से बढ़के कौनों धाम नइखे-
जियत देवता घर में छोड़के तीरथ धाम भटकेला-
माई-बाप के भूल के काहें अन्धकार में अटकेला-
लूटल पूज्य क माला लागत काम नइखे-
माई-बाप से बढ़के कौनों धाम नइखे-
माई समझा धरती मइया बाबूजी आसमान-
जबले जिन्दा दुनों एगो सुरुज एगो चाँन-
अइसन काशी-प्रयाग गंगाधाम नइखे-
माई-बाप से बढ़के कौनों धाम नइखे....

Posted on: Feb 08, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

गांव-जवार में खेलली-कुदली, हो गइली हम सयान हो....भोजपुरी गीत

मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक भोजपुरी गीत प्रस्तुत कर रहे हैं, गीत में बेटा माँ से अपने शादी की विनती कर रहा है:
गांव-जवार में खेलली-कुदली, हो गइली हम सयान हो-
मइया तोहरा दे का कहू, हो गइली हम सयान हो-
बचपन बीतल खेल-कूद छूटल-
जिन्दगी भर तोहार लइके रहू-
करिया से सफ़ेद होला हमार बलवा-
कबले रहब हम कुआंर हो-
गांव-जवार में खेलली-कुदली, हो गइली हम सयान हो-
बहुत भइल अब सहल ना जाला-
आपन दरदिया केहू से कहल ना जाला-
21 बरिष बा सरकारी नियमवां-
लोगवा करेला सवाल हो-
गांव-जवार में खेलली-कुदली, हो गइली हम सयान हो....

Posted on: Feb 06, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

चाहे कौनो सुख बा कौनो शहरिया में, हमरा त नीक लागेला गउआं-जवरिया में...लोकगीत

मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक लोकगीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
चाहे कौनो सुख बा कौनो शहरिया में-
हमरा त नीक लागेला गउआं-जवरिया में-
कुइयां के पानी ठंडा, पीपल के छांव-
न कोई भागमभाग पगडण्डी पर बा पांव-
सबके गाँव में चाचा-काका आशीष देला छन में-
हमरा त नीक लागेला गउआं-जवरिया में-
भउजी के नीक बतिया, हरियर हमार गांव-
भोरे-भोरे सुनाई देला पहरात सब गांव-
कोयल की कूक नीमन लागे, पपीहा के पी पी-
हमरा त नीक लागेला गउवें-जवरिया में...

Posted on: Feb 04, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

ये फैसले का वक्त है तू आ कदम मिला...जनगीत

मुजफ्फरपुर, बिहार से राजू, गुलशन, राहुल,राज, छोटू व अन्य एक जनगीत प्रस्तुत कर रहे हैं:
ये फैसले का वक्त है तू आ कदम मिला-
ये इम्तिहान सत्य है तू आ कदम मिला-
आसमां से से भोर के सूरज निकल रहे-
आसमां में लाल फरेरे मचल रहे-
मुक्ति कारवां से कारवां मिल रहे-
तू बोल किसके साथ है तू आ जरा बता-
ये फैसले का वक्त है तू कदम मिला...

Posted on: Jan 30, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

चल-चल देखे सखिये, सुंदर दुलहवा सखिये...विवाह गीत

ग्राम-मालीघाट,जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक परिक्षण गीत सुना रहे हैं जो विवाह के समय लड़की पक्ष की और से मडवा पर गाया जाता हैं :
चल-चल देखे सखिये ,चल -चल देखे सखिये – सुंदर दुलहवा सखिये,श्याम रंगवा – देखो पिया के सजनवा सखिये श्याम रंगवा – मति मणि वडिया सोवे लिलरा चंदवा सखिये...

Posted on: Jan 17, 2016. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

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