दुःख अँधेरी रातो में, जगमगाती हंसमुख तारों के बीच...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे है:
दुःख अँधेरी रातो में-
जगमगाती हसमुख तारों के बीच-
कोई चिराग ढूँढता हूँ-
पर मिलता नहीं कोई ऐसा चिराग-
मुझे तो दिखता है होता हुआ-
बर्बादी कैसा होगा हमारा भविष्य...

Posted on: Apr 22, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER

कोयला के खातिर जाहि प्राण, कोयला ले निकाले के खातिर सरकार के हवे प्लान...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी छत्तीसगढ़ी भाषा में एक कविता सुना रहे है:
कोयला के खातिर जाहि प्राण, कोयला ले निकाले के खातिर सरकार के हवे प्लान-
रेलवे लाईन बिछावत हवे, किसान मन के लूट के भूईय्या कंपनी मन के मितान हवे-
कहा पाओं खेतिहर भूईय्या, झाड़ जंगल ल घलो करवावत हवे सफ़ाया-
नदी नरवा के पानी उखरेज खातिर, उमा नहीं है कौनो सुनैय्या-
कहां जाबो कहां रहिबो, करवावत हवे जन सुनवाई-
करवा के हमन किसान मन कार्यवाहीं, देखों भाई हमर सरकार ल कम्पनी की
करत है हवे भलाई...

Posted on: Apr 22, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYAARI SONG VICTIMS REGISTER

चौकीदार बड़ा होशियार, मीठी-मीठी बातें करता, सबका मन बहलाता...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक कविता सुना रहे है. जिसका शीर्षक “सबसे छोटा पद” है:
चौकीदार बड़ा होशियार, दिन के उजाले में करता रखवाली-
रात के अँधेरे में करे नारखा, चौकीदार बड़ा होशियार-
मीठी-मीठी बाते करता, सबका मन बहलाता-
साँझ ढले मनमानी करता, चौकीदार बड़ा होशियार-
लाख बहाना कर वह, लोगों के दिल घर कर जाता-
जब पोल खुल जाता तो वह अपने आप निकल जाता-
सबसे छोटा पद है उसका, पर सबसे उपर रहता है-
उसकी अनुमति के बिना, कोई अंदर नही घुस पाता है-
चौकीदार बड़ा होशियार...

Posted on: Apr 22, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER

सपनें दिखाने वालों, कहीं भूल ना जाना, सपनों के संसार में, कहीं ख़ुद ना खो जाना...कविता

तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक कविता सुना रहे है:
सपनें दिखाने वालों, कहीं भूल ना जाना-
सपनों के संसार में, कहीं ख़ुद ना खो जाना-
तुम भी मुसाफ़िर हो, हम भी मुसाफ़िर है-
एक दिन सभी को, यहाँ से तो जाना है-
तुम्हारे लिए कफ़न, हमारे लिए भी कफ़न-
लकड़ी के घोड़े पर चढ़कर, ख़ाक हो जाना है-
बनाया महल अटारी, धरा का धरा रह जायेगा...

Posted on: Apr 20, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER

डोलत नइ, डोलत नइ गा, का होगे संगी डारा पाना ला डोलत नइऐ गा...छत्तीसगढ़ी गीत

तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक गीत सुना रहे है:
डोलत नइ, डोलत नइ, का होगा संगी हवाला डोलत नइ जी-
डोलत नइ, डोलत नइ गा, का होगे संगी डारा पाना ला डोलत नइऐ गा-
बोलत नइऐ, बोलत नइऐ, बोलत नइऐगा, बोलत नइऐ बोलत नइऐ जी-
का होगे मोर मनके मजूर ला, बोलत नइऐ जी, बोलत नइऐ बोलत नइऐ गा-
का होगे मोर मनके कोयलिया ला, बोलत नइऐ गा, बोलत नइऐ गा-
जुरथ रइथो, जुरथ रइथो गा, देखे खातिर ओला मइहर जुरथ रइथो गा-
तड़पत रइथो, तड़पत रइथो तड़पत रइथो गा, इखे लेखे पाई बर तड़पत रइथो गा...

Posted on: Apr 16, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER

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