बेटी आंखी के आगु मा, आंखी के आगे आगे तेरा चेहरा झुलस हवे वो...छत्तीसगढ़ी गीत
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक गीत सुना रहे है:
जुरथ रयथो जुरथ रयथो, आंखी के आगे आगे तेरा चेहरा झुलस हवे वो-
बेटी आंखी के आगु मा, तेरा चेहरा झुलस हवे वो-
बाढ़े रहे बेटी पठाई पार हो, बुनथ रयथो बुनथ रयथो वो-
तोर लईका बनके होंठ ला, मने मन में गुनथ रयथो वो-
देखत रयथो देखत रयथो, देखत रयथो वो-
तोर आनी बानी के खेलत रहे पेला, ओला में देखत रयथो वो-
तोर चोन्हा ला अब कहा ले, देख पाहु हो...
Posted on: Apr 26, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER
नाग़र बैला भैसा मा, फांदत जोतत रहेन्गा, कंहा ले आ गिश ट्रेक्टर नाग़र...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी छत्तीसगढ़ी में एक कविता सुना रहे है:
नाग़र बैला भैसा मा, फांदत जोतत रहेन्गा-
कंहा ले आ गिश ट्रेक्टर नाग़र आईस, मिच्चट अल्सुहा हो गिन गा-
दंगनी हशिया मा, धान ला लुवत रहेन्गा-
कहा ले धान ला लोहा मशीन आ गिश, मिच्चट अल्सुहा हो गिन गा-
राफ़ा गैती मा खोदत खादत रहेन्गा, कहा ले जेसीबी आ गिश मिच्चट अल्सुहा हो गिन गा-
नाग़र बैला भैसा मा, फांदत जोतत रहेन्गा...
Posted on: Apr 25, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER
माया प्रीत के बंधना हवेगा बेटी के अंगना...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी बेटियों पर एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
माया प्रीत के बंधना हवेगा, बेटी के अंगना-
बेटी हवे घर के सुआ, उड़ जाही मया के बंधना-
दाई दादा के दुलारी छोड़ जाही, अपन महतारी-
सास ससुर घर घुसिया, ननद देवर परोसी ले हो ही चिन्हारी-
लाज महत ला छाड़ी हो ही, घर घुसिया के पुछारी-
भूल जाहि दाई दादा भाई, जम्मो के रही वों दुलारी...
Posted on: Apr 24, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIHARI SONG VICTIMS REGISTER
बेटी के लगन हो गए संगवारी...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीसगढ़ी कविता सुना रहे हैं:
बेटी के लगन हो गए संगवारी-
सगा आके न्योता खा गए संगवारी-
सगा समधी ला न्योता दे-
आबो बेटी बहिनी ला बलाबो संगावारी-
आस पड़ोस हीत-प्रीत-
मीत-मितान जम्मो ला बलवाबो संगवारी-
आनी-बानी के बाजा बजवाबो-
संगवारी तेल चढ़ाबो हरदी मा खाबो-
देवी देवता ला मनवाबो-
सास सुआसिन तेल हल्दी चढ़ाहीं-
गाहीं बिहाव गीत संगीत-
गाहीं नाचहीं करहीं ठिठोली-
आही दुल्हा लेके बरात गाँठ जोड़ही-
भांवर परही बाम्हन दीही सौगात-
सारा मुटका मारही बहिनी खातिर-
लेही धोती कुर्ता ताली बजात-
आनी बानी दहेज़ डोला-
देके करबो बेटी के विदाई-
अपन माया प्रीत ला छाडके-
कहथों बेटी जाही सुन मामा दाई...
Posted on: Apr 24, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADIYARI SONG VICTIMS REGISTER
बेटी के गहना ये क्या कहना...बेटियों पर कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी बेटी का गहना शीर्षक से एक कविता सुना रहे है:
बेटी के गहना ये क्या कहना-
नाक म फूली नथनी-
आन म झलका गुना-
मुड म आवे गोरस के दहना-
बेटी के गहना के क्या कहना-
गोड म पैहरी पाँव म बिछिया...
