नाग़र बैला भैसा मा, फांदत जोतत रहेन्गा, कंहा ले आ गिश ट्रेक्टर नाग़र...छत्तीसगढ़ी कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी छत्तीसगढ़ी में एक कविता सुना रहे है:
नाग़र बैला भैसा मा, फांदत जोतत रहेन्गा-
कंहा ले आ गिश ट्रेक्टर नाग़र आईस, मिच्चट अल्सुहा हो गिन गा-
दंगनी हशिया मा, धान ला लुवत रहेन्गा-
कहा ले धान ला लोहा मशीन आ गिश, मिच्चट अल्सुहा हो गिन गा-
राफ़ा गैती मा खोदत खादत रहेन्गा, कहा ले जेसीबी आ गिश मिच्चट अल्सुहा हो गिन गा-
नाग़र बैला भैसा मा, फांदत जोतत रहेन्गा...
