आदमी हो, आदमी के वास्ते चलो...

सुरेखा दरपत्ती भानुप्रतापपुर, छत्तीसगढ़ से शिक्षा पर आधारित एक प्रेरक गीत प्रस्तुत कर रही हैं :
आदमी हो आदमी के वास्ते चलो
तुम नवीन जिंदगी के वास्ते बढ़ो
गांव-गांव हर गली-गली, लहर उठे
ज्ञान की लहर उगाएं, हर शहर उठे
हर पढ़ा ! पढ़ाएं, आज ठान कर उठें
ज्ञान दान है महान, मान कर उठें
तुम समुद्र हो, नदी के वास्ते चलो
ज्ञान की भरी, कहीं के वास्ते चलो
आदमी हो आदमी के...
ज्ञान के लिए पढो, लिखो ज्ञान लिए
आदमी की खाश, पहचान के लिए
नून-तेल-लकड़ी और मकान के लिए
हर नये सवाल के निदान के लिए
तुम तो दिल की, दोस्ती के लिए पढो
तुम तो दिल की, दोस्तों के वास्ते चलो
आदमी हो आदमी के...
जो मजदूर है, पढ़े अधिकार के लिए
ज्ञान है जरूरी, काम -काज के लिए
नारियां पढ़ें, सुखी परिवार के लिए
और पढ़ें किसान, खेत -खार के लिए
आदमी हो आदमी के...

Posted on: Nov 13, 2014. Tags: Surekha Darpatti