जब तक रोटी के प्रश्नों पर पड़ा रहेगा भारी पत्थर...हिन्दी गीत

कुटरू, जिला-बीजापुर,(छत्तीसगढ़) से संगीता मिचा एक गीत सुना रही हैं:
जब तक रोटी के प्रश्नों पर पड़ा रहेगा भारी पत्थर-
कोई मत ख़्वाब सजाना तुम-
मेरी गली में ख़ुशी खोजते-
अगर कभी जो आना तुम-
कानो की बालियों में टपका हुआ पसीना-
सोचो की इनकी बूंदे मोती हैं या नगीना-
जब तक सूरज नहीं उगाले चंदा को न वापस पाले-
टिकली में लगाना तुम मेरी गली में ख़ुशी खोजते आना तुम...

Posted on: May 14, 2016. Tags: Sangeeta Micha

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