जुड़ बाशी-जुड़ बाशी खाना नहीं...हास्य कवितायेँ

ग्राम पंचायत पाली, विकासखंड-पोड़ी उपरोड़ा, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) से सुरेश कुमार मरावी कुछ हास्य कविताएँ सुना रहें हैं:
जुड़ बाशी-जुड़ बाशी खाना नहीं-
बिना झोर के, बिना झोर के-
पाताल मेरे यारा, नून को ना भुलाना-
उसे याद रखना कहीं भूल ना जाना...
2
देखा हैं पहलीं बार सायकिल में हाथी सवार-
टेटका पूछी-टेटका पूछी-
जब उतरे तो सायकिल को आया बुखार-
3
मेरा मन चाट होटल जाए-
ना जानें कितना प्लेट खाए-
4
ऐसे वाणी बोलिए सबसे झगड़ा होय-
पर उससे झगड़ाना होये जो अपने से तगड़ा होये कबीरा-
5
अखियाँ मिलाना तेरे दाई को बुलाना, तेरे ददा ने किये जादू-
कुत्ते ने लात मारी, बिल्ली ने हाथ मारी ढोल गया आलू-
बिना चप्पल के ही, नाचे भालू, बिना चप्पल के ही नाचे भालू...

Posted on: Nov 27, 2016. Tags: SURESH KUMAR MARAVI

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