कभी गीत मेरा बन पायेगा, अँधेरे में बुदिया की चिंता...बिहार से हिन्दी गीत

साहेबगंज, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से रामनाथ पासवान एक गीत सुना रहे हैं:
कभी गीत मेरा बन पायेगा, अँधेरे में बुदिया की चिंता-
कब नया सबेरा लाएगा कभी गीत मेरा बन पायेगा-
मचल के दुश्मन झूम रहा हैं अनगिनत सपने बुन रहा हैं-
खलिहानी से दाना कब तक मेरे घर में आएगा-
कभी गीत मेरा बन पाये...

Posted on: Aug 06, 2016. Tags: RAMNATH PASWAN

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