बड़ी कठिन बाट आसान, की कही महंगाई हो...बघेली कविता -

जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से फूल कुमारी तिवारी एक बघेली कविता सुना रही है :
बड़ी कठिन बाट आसान, की कही महंगाई हो-
बाबू हमका गाँव ले चला-
घर चलेब त अन्न उगाऊ, करबे खूब किसानी हो-
बाबू हमका गाँव ले चला-
उठ दीन सारे उपरी पाथव, तय दूई ठो रोटी हो-
बाबू हमका गाँव ले चला-
बड़ी कठिन बाट आसान, की कही महंगाई हो...

Posted on: May 25, 2017. Tags: PHOOL KUMARI TIWARI

मेरा बन्ना आयो रे शीशे की मोटर कार से...बघेली बन्ना गीत -

जिला-सीधी (मध्यप्रदेश) से फूल कुमारी तिवारी बघेलखंडी भाषा में एक बन्ना गीत सुना रही हैं यह गीत विवाह के समय गाया जाता है :
मेरा बन्ना आयो रे शीशे की मोटर कार से-
बीच बजरिया में मिल गई बन्नी कहाँ चली तू गोरी-
मै मिलने आयी रे पापा की चोरी-चोरी-
बीच बजरिया में मिल बन्नी कहाँ चली तू गोरी-
मै मिलने आयी रे चाचा की चोरी-चोरी-
बीच बजरिया में मिल बन्नी कहाँ चली...

Posted on: May 24, 2017. Tags: PHOOL KUMARI TIWARI

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