Wife of jailed cultural activist suspected to be detained by Police in Jharkhand

Kamayani Bali Mahabal from Mumbai is telling us that Aparna Marandi, wife of jailed Jharkhandi cultural activist Jeetan Marandi is not tracable from yesterday. She and few more activists were on their way to Hyderabad to attend a protest function. They were last heard from Hatia station in Ranchi. It is suspected that they have been detained by police. Her phone 09771949885 is ringing and all of you are requested to call. For more Kamayani can be reached at 09820749204

Posted on: Dec 10, 2012. Tags: Kamayani Bali

Request to protest against action on activists in MP

Kamayani Bali Mahabal from Mumbai is requesting us to call Chief Minister of Madhya Pradesh at 0755 2441781 to protest orders against Jagrut Adivasi Dalit Sangathan in Badwani district of Madhya Pradesh. She says acitivists of JADS have been struggling peacefully for constitutinal rights for years and were fighting for better impementation of NREGA, Forest Rights Act and National Rural Health mission and have managed to secure NREGA wages for many. She also requests us to call Commissioner at 0731 2435111 and IG at 0731 2702777. Formore Kamayani can be reached at 09820749204

Posted on: May 25, 2012. Tags: Kamayani Bali

जेल से कविता: किस किस को कैद करोगे?

किस किस को कैद करोगे?
लाखों हैं मुक्ति के पंछी, कैद करोगे किसको
लेकर पिंजरा उड़ जाएंगे खबर न होगी तुझको
इस पिंजरे की सलाखों का लोहा हमने ही निकाला है
ये लोहा पिघलाने हमने अपना खून उबाला है
लोहा लोहे को पहचानेगा, फिर क्या होगा समझो
लेकर पिंजरा उड़ जाएंगे खबर न होगी तुझको
इस पिंजरे की दीवारों में हमने पसीना बहाया है
ईंट बनाने, सीमेंट बनाने मिट्टी को भी भिगोया है
मिट्टी कभी गद्दार न होगी, क्या बतलायें तुझको
लेकर पिंजरा उड़ जाएंगे खबर न होगी तुझको
इस पिंजरे के पुर्जे पुर्जे हमें बताते अपने किस्से
कितने मज़दूर दफन हुए हैं इस पिंजरे के नींव के नीचे
वो मज़दूर हैं साथ हमारे, कौन रोकेगा हमको
लेकर पिंजरा उड़ जाएंगे खबर न होगी तुझको
कैद में डालो, फांसी लगा दो, हंटर से चमड़ी भी निकालो
न्याय के रस्ते चल पड़े हैं, बाँध लगा लो, कांटे बिछा लो
कितना ज़ुल्म करेगा ज़ालिम, थक जाना है तुझको
लेकर पिंजरा उड़ जाएंगे खबर न होगी तुझको
अशोक डेंगले

Posted on: May 13, 2012. Tags: Kamayani Bali

Message from a girl child protesting Nuclear power plant

Kamayani from Mumbai translates 12 year old Zohra’s message in English-”Tens of Thousands of people are protesting the setting up of Nuclear Power plant in Kodankulam Tamilanadu.We are surrounded by police men. For 4 days we have camped here without food. Somehow we are managing to get food from the sea, but it is not enough.I have not gone to school, and one woman who has delivered a baby is not being allowed to go home.I am not under pressure to participate, but I will not leave because this plant is just 2 kilometres from my village, and we can all be killed one day like the people in Japan. All of you please support us in any way you can.”Kamayani can be contacted at 9820749204

Posted on: Mar 23, 2012. Tags: Kamayani Bali

Letters from Jail: Soni Sori writes to the Nation: Part 2

मेरी शिक्षा को भी गाली दी गयी। मैंने एक गांधीवादी स्कूल माता रुक्मणि कन्या आश्रम डिमरापाल में शिक्षा प्राप्त की है। मुझे अपनी शिक्षा की ताकत पर पूरा विश्वास है, जिससे नक्सली क्षेत्र हो या कोई और समस्या फिर भी शिक्षा की ताकत से सामना कर सकती हूँ। मैंने हमेशा शिक्षा को वर्दी और कलम को हथियार माना है। फिर भी नक्सली समर्थक कहकर मुझे जेल में डाल रखा है। बापूजी के भी तो ये ही दो हथियार थे। आज महात्मा गांधी जीवित होते तो क्या उन्हें भी नक्सल समर्थक कहकर जेल में डाल दिया जाता। आप सभी से इसका जवाब चाहिए।
ग्रामीण आदिवासियों को ही नक्सल समर्थक कहकर फर्जी केस बनाकर जेलों में क्यों डाला जा रहा है। और लोग भी तो नक्सल समर्थक हो सकते हैं। क्या इसलिए क्योंकि ये लोग अशिक्षित हैं, सीधे-सादे जंगलों में झोपडियां बनाकर रहते हैं या इनके पास धन नहीं है या फिरअत्याचार सहने की क्षमता है। आखिर क्यों?
हम आदिवासियों को अनेक तरह की यातनाएं देकर, नक्सल समर्थक, फर्जी केस बनाकर, एक-दो केसों के लिये भी ५-6 वर्ष से जेलों में रखा जा रहा है। न कोई फ़ैसला, न कोई जमानत, न ही रिहाई। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। क्या हम आदिवासियों के पास सरकार से लड़ने की क्षमता नहीं है या सरकार आदिवासियों के साथ नहीं है। या फिर ये लोग बड़े नेताओं के बेटा-बेटी, रिश्तेदार नहीं हैं इसलिए। कब तक आदिवासियों का शोषण होता रहेगा, आखिर कब तक। मैं आप सभी देशवासियों से पूछ रही हूँ, जवाब दीजिये।
जगदलपुर, दंतेवाड़ा जेलों में 16 वर्ष की उम्र में युवक-युवतियों को लाया गया, वो अब लगभग २०-21 वर्ष के हो रहे हैं। फिर भी इन लोगों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यदि कुछ वर्ष बाद इनकी सुनवाई भी होती है तो इनका भविष्य कैसा होगा। हम आदिवासियों के साथ ऐसा जुल्म क्यों? आप सब सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी संगठन और देशवासी सोचियेगा।
नक्सलियों ने मेरे पिता के घर को लूट लिया और मेरे पिता के पैर में गोली मारकर उन्हें विकलांग बना दिया। पुलिस मुखबिर के नाम पर उनके साथ ऐसा किया गया। मेरे पिता के गांव बड़े बेडमा से लगभग 20-25 लोगों को नक्सली समर्थक कहकर जेल में डाला गया है, जिसकी सजा नक्सलियों ने मेरे पिता को दी। मुझे आप सबसे जानना है कि इसका जिम्मेदार कौन है? सरकार, पुलिस प्रशासन या मेरे पिता। आज तक मेरे पिता को किसी तरह का कोई सहारा नहीं दिया गया, न ही उनकी मदद की गयी। उल्टा उनकी बेटी को पुलिस प्रशासन अपराधी बनाने की कोशिश कर रही है. नेता होते तो शायद उन्हें मदद मिलती, वे ग्रामीण और एक आदिवासी हैं। फिर सरकार आदिवासियों के लिये क्यों कुछ करेगी।
छत्तीसगढ़ मे नारी प्रताड़ना से जूझती
स्व हस्ताक्षरित
श्रीमती सोनी सोरी

Posted on: Feb 10, 2012. Tags: Kamayani Bali

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