उड़ते बदलो से पूछ डालो वतन के सरहदों की कहानी...गीत-

ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लडवारी, जिला-नेवाड़ी (मध्यप्रदेश) से मनोज कुशवाहा एक गीत सुना रहे हैं:
उड़ते बदलो से पूछ डालो वतन के सरहदों की कहानी-
रो-रोके माता पूछे तुझसे बादल एक सवाल बेटा है जग में-
मेरा प्राणों से प्यारा कहता है बेटा मेरा आँखों का तारा-
जंजीरो को तोड़ने वाला कब आयेगा मेरा प्राणों से प्यारा-
ओ है माता का रख वाला ओ है सरहद का मतवाला-
गोदी में ओ खेला करता माता-माता कह के लड़ता-
उससे मेरा यही सवाल कैसा है मेरा वतन का लाल-
माता मेरी सुन लो कहानी बहादुर है बेटा तेरा मेरी कहानी...

Posted on: Mar 21, 2020. Tags: MANOJ KUSWAHA MP NEWADI SONG

देखो कोयल काली है पर मीठी है इसकी बोली...कविता-

ग्राम-केकेट्टा, पोस्ट-जोगा, थाना-उचारी रोड, जिला-पलामू (झारखण्ड) से अखिलेस कुसवाहा एक कविता सुना रहे हैं :
देखो कोयल काली है पर मीठी है इसकी बोली-
इसने ही तो कूक कूक कर आमो में मिश्री घोली-
कोयल कोयल सच बतलाना क्या संदेसा लायी हो-
बहोत दिनों के बाद आज फिर इस डाली पर आयी हो-
क्या गाती हो किसे बुलाती बतला दो कोयल रानी-
प्यासी धरती देख मांगती हो क्या मेघ से पानी...

Posted on: Nov 01, 2019. Tags: AKHILESH KUSWAHA JHARKHAND PALAMU POEM

तितली रानी लगता हैं वो स्वर्ग की रानी...कविता-

ग्राम-राजापुर, पोस्ट-लड़वारी, जिला-निमाड़ी (मध्यप्रदेश) से मनोज कुसवाहा कविता सुना रहे हैं :
तितली रानी लगता हैं वो स्वर्ग की रानी – फूलो का पीती पानी पानी-
देख मन को होती हैरानी-
फूलो से रंग सभी ले जाती-
अपने पंखो को खूब सजाती – रंग बिरंगे पंखों वाली...

Posted on: Sep 19, 2019. Tags: MANOJ KUSWAHA MP NIMADI POEM

इतय इतय चारो ओर, क्योटी क्योटी करे सीहोर...कविता-

ग्राम-रेवटी, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से अखिलेश कुसवाहा एक कविता सुना रहे हैं:
इतय इतय चारो ओर, क्योटी क्योटी करे सीहोर-
जहां तहां खटकत पास है-
भाजल सो चाहा गावर ग्वालनी के कछू-
डरने डराने से उठाने रोम गात है...

Posted on: Jul 20, 2019. Tags: AKHILESH KUSWAHA BALRAMPUR CG POEM

अपना प्रदेश देखो कितना विशेष देखो...कविता-

ग्राम-रेवटी, तहसील-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से अखिलेश कुसवाहा एक कविता सुना रहे हैं :
अपना प्रदेश देखो कितना विशेष देखो-
आओ आओ घूमो यहाँ, खुशियों से झूमो यहाँ-
रायपुर की क्या कहानी, अपनी है राजधानी-
ऊँचे-ऊँचे हैं माकान यहाँ की निराली शान-
कोरबा की बिजली हम सब को मिली-
देवभोग का है मान, हीरे की जहाँ खदान...

Posted on: Jul 19, 2019. Tags: AKHILESH KUSWAHA CG POEM SURAJPUR

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