माटी होही तोर चोला रे संगी...छत्तीसगढ़ी गीत-

ग्राम-रामनगर, पोस्ट-महेवा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी शांती एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही हैं :
माटी होही तोर चोला रे संगी – माटी से उपजे माटी मा बढ़े माटी मा मिलना है तोला – माटी के घर मा माटी के भुईयां – लाख जतन करे माटी के दुनिया – बड़े मन के नई बाचिस कौन कहे अब तोला – चारेच दिन के सुघर मेला आखिर में सब माटी के ढेला...

Posted on: Feb 23, 2019. Tags: KUMARI SHANTI

राधा खड़े मधुबन में, हंसे मन मन में, कृष्ण घर जाना है...भक्ति गीत-

ग्राम-रामनगर, पोस्ट-महेवा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी शांति एक भक्ति गीत सुना रही हैं :
राधा खड़े मधुबन में, हंसे मन मन में-
कृष्ण घर जाना है-
राधा के कानो में कुण्डल भी सोहे-
कुण्डल पहनाके विधा कर दों, फूलों से झोली भर दों-
कृष्ण घर जाना है-
राधा के आँखों में काजल भी सोहे...

Posted on: Jun 17, 2018. Tags: KUMARI SHANTI

गर्भहीं अधमोख झूले मल मूत्र भारेल हो...सोहर गीत -

ग्राम-रामनगर, पोस्ट-महेवा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी शांति एक सोहर गीत सुना रही हैं. यह गीत बच्चे के जन्म के समय पर गाया जाता है :
गर्भहीं अधमोख झूले मल मूत्र भारेल हो – संतो जठर गेनी बहु संसावे संकट गर्भ होवेल हो – तलफी तड़प जीव मारेल मुख बोल ना पावेल हो – संतो करुणा करिके पछताता अरुचि स्वांस ना आवेली हो – कास दुःख यह का हो मित्र संगिन देखेन हो – संतो पिछला जनम सुधि आवे समुझी मन विवेकन हो...

Posted on: Dec 03, 2017. Tags: KUMARI SHANTI

जिया डोले रे गूंजे पायलिया के शौर...छत्तीसगढ़ी गीत -

ग्राम-रामनगर, पोस्ट-महेवा, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से कुमारी शांति एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही है:
जिया डोले रे गूंजे पायलिया के शौर-
मन होल-होल प्रेम रस घोले-
सांज सबेरा भौर-
कौन तो बाँधी रे लाल पगड़िया-
जिया डोले रे गूंजे पायलिया के शौर...

Posted on: Nov 25, 2017. Tags: KUMARI SHANTI

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