मखना के झांज बनाये तुमा के मंजीरा...बिरहोर पेंड्रा गीत

ग्राम-खलगोरा, पंचायत-दर्रीडीह, ब्लॉक-धरमजयगढ़, जिला-रायगढ़
(छत्तीसगढ़) से केन्दाराम बिरहोर एक पेंड्रा गीत सुना रहे है:
मखना के झांज बनाये तुमा के मंजीरा-
भाजी भाटा के तार मिलाये नाचे बालमसिरा-
जी तरकारी लेला आ आ आ आ ना-
जूना दो तरोही के तरकारी लेला रे रे रे-
काकर फिर गे कोट तमूरा काकर फिर गे राज-
बरमा फिरगे माटी के चोला कलमे दीनाराज...

Posted on: Feb 23, 2017. Tags: KENDARAM BIRHOR

गाँव जाओ तो गाँव वाले भगाते हैं और जंगल जाओ तो जंगल विभाग वाले परेशान करते हैं : बिरहोर आदिवासी...

ग्राम-खलगोरा, पंचायत-दर्रीडीह, ब्लॉक-धरमजयगढ़, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से केन्दाराम बिरहोर बता रहे है कि उनके पूर्वज बीरो पहाड़ में रहते थे उससे ही उनका नाम बिरहोर पड़ा. बिरहोर लोग पहले बिरहोर आदिवासी लोग जंगल में ही रहते थे और कन्दमूल, महुआ खाकर अपना जीवन गुजर बसर करते थे जंगल में अस्थाई डेरा डालकर रहते थे और शिकार करते थे और गाँव में ले जाकर मांस और जानवर बेचकर अपना जीवन चलाते थे. गाँव जाएं तो गाँव के लोग परेशान करते थे और जंगल जाएं तो जंगल विभाग इसलिए डर-डरकर छिप-छिपकर डेरा बदल-बदलकर किसी तरह जीते थे. पिछले १०-१२ सालों से गाँवों के बाहर स्थाई निवास बनाकर रहने लगे हैं. केंदाराम@7222968155

Posted on: Feb 17, 2017. Tags: KENDARAM BIRHOR