कोने बेरा में जिउ छुट जाए रे, नई बांचे चोला...छत्तीसगढ़ी लोकगीत

ग्राम पंचायत-गुढ़ा, विकासखंड-गौरेला,जिला-बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से एक महिला साथी छत्तीसगढ़ी लोकगीत सुना रही हैं:
इन्हा नई हए रे कोनो रे हितवा-
घर बने हे माटी के मितवा-
कोने बेरा में जिउ छुट जाए रे नई बांचे चोला-
जियत ले रंग रंग के ओढना ओढाए रे-
पलना पोढ़ाये रे लाल परदेशी घुमाए-
बढ़गे जवानी रे बालक के बानी रे-
रग रग ले मुड़ी डोलाए-
इन्हा नई हए रे कोनो रे हितवा-
घर बने हे माटी के मितवा-
कोने बेरा में जिउ छुट जाए रे नई बांचे चोला...

Posted on: Sep 26, 2017. Tags: KANHAIYA LAL KEWAT

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