जमीन वालों को बस इतनी जिंदगी दे दे...दो कवितायेँ

हल्द्वानी नैनीताल (उतराखंड) से इशान पत्र कुछ कवितायेँ सुना रहे हैं:

जमीन वालों को बस इतनी जिंदगी दे दे-
हसी बहारों को फूलों को जिंदगी दे दे-
वो सोच में भी अगर, कांप रूह कांप उठे-
मरे जमीर को बस इतनी जिंदगी दे दे-

“अपने देश की स्वाभिमान”
मैं वह लखीर हूँ, पत्थर की नही मिट सकता-
मैं का हौसला हूँ यू ही नही चुक सकता-
मैं तो डोर हूँ थामे है तिरंगे को-
लगा लो कोई भी बोली नही बिक सकता-

Posted on: Dec 07, 2016. Tags: IASHAN PATRA

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