कहाँ जी फुले चम्पा चमेली...सुग्गा गीत-

आश्रित ग्राम-लडूवापारा, पंचायत-बेदमी, विकासखंड-ओडगी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से इन्द्रासो नेताम के साथ रुकमनी, पुष्पा, राधिका, ज्योति वे लोग एक सुग्गा गीत सुना रहे है:
कहाँ जी फुले चम्पा चमेली-
मोर सुगाना जी कहाँ जी फूले-
राजा राम सुग्गा कहाँ फूले गोंदा फूल-
झरिया में फूले चम्पा चमेली-
मोर सुगाना जी कुआ बाड़ी में फूले...

Posted on: Feb 07, 2019. Tags: CG HINDI INDRASO NETAM SONG SURAJPUR

पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हर दिन पढ़ने जायेंगे...कविता

ग्राम पंचायत-ताड़वेली, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अनीश कुमार और नवीन कुमार एक कविता सुना रहे हैं:
छोटे-छोटे कदम हमारे आगे बढ़ते जायेंगे-
पढ़ना कभी न छोड़ेंगे हम हर दिन पढ़ने जायेंगे-
छोटे-छोटे हाथ हमारे गड्ढे खूब बनायेंगे-
इन गड्ढे में अच्छे सुन्दर पौधे खूब लगायेंगे-
घर आँगन को साफ रखेंगे गलियाँ साफ़ बनायेंगे-
कैसे जीना हमें चाहिए जीकर हम दिखलायेंगे...

Posted on: Sep 05, 2018. Tags: CG GANESH AYAM HINDI KANKER KOELIBEDA POEM

सोना कहे सोनार से क्या खैचेगा मोय... दोहा

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडीयारी एक दोहा सुना रहे है:
सोना कहे सोनार से क्या खैचेगा मोय-
एक दिन ऐसा आयेगा मै खैचूंगा तोय-
अर्थात : सोना को सोनार खीचते हुए देखता है, तो सोना अपने मन में कहता है तू क्या मुझे खिचेगा, मैं एक दिन तुझे ऐसा खैचूंगा कि तू इस सृष्टि में फिर आ भी ना सकेगा...

Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG HINDI KANAHIYALAL PADHIYARI POEM RAIGARH

जन्म मरण के साथी, साथी हमारे, जा से नहीं बिछ्डू दिन राती...भजन गीत

संतोष कुमार ग्राम-सरई, पोस्ट-चंद्रानी, जिला-डिंडोरी (मध्यप्रदेश) से हारमोनियम के साथ एक गीत सुना रहे हैं :
जन्म मरण के साथी, साथी हमारे – जन्म मरण के साथी हमारे-
जा से नहीं बिछ्डू दिन राती हमारे – हां देखे बिना चलन पडत है जानत है मेरी छाती –
उच्च चढ़, चढ़ कर पंथ निहारु रोवे अखियां राती –
ये संसार सकल जग झूठे, झूठे कुल और नाती – दोउ कर जोडीया आज करू मैं, चुनले तेरे मेरे बाती...

Posted on: Aug 30, 2018. Tags: DINDORI HINDI MP SANTOSH KUMAR SONG

धरती हरी-भरी हो जाती, खुश हो जाते सभी किसान...किसानी पर कविता

ग्राम-बड़ेबेठिया, पंचायत-धरमपुर, विकासखंड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से कक्षा पांचवीं की छात्रा बाली उसेंडी किसान पर एक कविता सुना रही हैं:
वर्षा आती पानी लाती-
धरती हरी-भरी हो जाती-
खुश हो जाते सभी किसानी-
खेतों में भर आता दाना-
पकता धान दिवाली आती-
खूब सो जे ठंड लाती-
सूटर पहने तापे आग-
गाँव-गाँव में होती आग...

Posted on: Aug 30, 2018. Tags: BALI USENDI CG HINDI HINDI POEM KANKER KOYALIBEDA

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