गोंडी भाषा बोलने में सभी जगह एक सरल और मधुरता से ये भाषा का प्रयोग हो...

दिल्ली के राजघाट गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति से मोहन बता रहे हैं,कि जहाँ गोंडी भाषा के मानकीकरण हेतु 6 राज्यों से कई भाषाविद, शिक्षक, प्रोफेसर, साहित्यकार और समाजसेवी एकत्र हुए हैं. इस मौके पर आए वरिष्ठ साथी शेर सिंह अचलाजी तथा तारामजी से बातचीत की| उन लोगों ने बताया कि ये प्रयास सराहनीय है|हम सभी कोशिश कर रहे हैं कि हम एक मानक गोंडी भाषा बना पाएं| और आने वाले भावी पीढ़ियों के लिए ये भाषा सीखने और समझने के लिए एक बेहतर माध्यम हो सके| जिससे ये भाषा सभी जगह एक सरल और मधुरता से ये भाषा का प्रयोग हो |

Posted on: Jan 27, 2019. Tags: DELHI MOHAN

खरगोश और कछुए की कहानी-

एक खरगोश था और एक कछुआ था, एक बार दोनों में झगडा हो गया, तब खरगोश ने कहा तुम मुझे दौड़ में नही हरा सकते, चलो प्रतियोगिता हो जाए, कछुआ प्रतियोगिता के लिए तैयार हो गया, खरगोश और कछुए ने दौड़ लगाई, खरगोश तेजी से दौड़ा, दौड़ते-दौड़ते उसका पैर दुखने लगा और वह थक कर एक पेड़ के नीचे सो गया, कछुआ धीरे-धीरे चलता रहा और मंजिल तक पहुंच गया: सोनू गुप्ता@7800080953.

Posted on: Sep 19, 2018. Tags: DELHI SONU GUPTA STORY

कभी हराम की रोटी नहीं खानी चाहिए, मेहनत करना चाहिए और आत्मनिर्भर रहना चाहिए...कहानी

सोनू गुप्ता दिल्ली से दो दोस्तों की एक कहानी सुना रहे हैं : राम और श्याम दोनों बहुत गहरे मित्र थे एक साथ हंसी ख़ुशी रहते थें. दोनों ने एक बार घूमने की योजना बनाई. रास्ते में दोनों एक सेठ के पास पहुंचे। सेठ ने राम को दो लाख धन दिया और श्याम को कुछ भी नहीं दिया। फिर वे दोनों वहाँ से आगे बढे रास्ते में उन्हें दूसरा सेठ मिला जो श्याम को उसके योग्यता अनुसार उसकी नौकरी लगवा दी. सब ऐसे ही चलता रहा कुछ सालों बाद राम के पैसे खत्म हो गये और श्याम अपने जीवन में व्यस्त था ओर खुशहाल था तो दोस्तों इस कहानी से दो सीख मिलती है हमें कभी हराम की रोटी नहीं खानी चाहिए और किसी पर निर्भर नही रहना चाहिए. मेहनत करना चाहिए और आत्मनिर्भर रहना चाहिए | सोनू@7800080953.

Posted on: Jul 21, 2018. Tags: DELHI SONU GUPTA STORY

हमारे जीवन में जो हमारी सहायता करे उसकी कभी निंदा नहीं करनी चाहिए...कहानी

सोनू गुप्ता दिल्ली से एक कहानी सुना रहे है जिसका उपदेश है कि किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए. एक गुलमोहर का पेड़ था उसमे बहुत से फूल खिले हुए थें. फूलों को अपनी ख़ूबसूरती पर बड़ा घमंड था और वे जड को अक्सर बदसूरत कहा करते थे और उसकी बहुत निंदा करते थे एक बार क्या हुआ कि बरसात के समय पेड़ के ऊपर आकश से बिजली गिरी जिससे पेड़ गिर गया जिसमे सारे फूल झड़ गये. जड़ की मजबूती के कारण कुछ दिनों बाद वो पेड़ फिर खड़ा हो गया जिससे फूल फिर खिलने लगे इस बार फूलों को अपनी गलती पर एहसास हो गया और माफ़ी मांगी. इस लिए हमारे जीवन में जो हमारी सहायता करे उसकी कभी निंदा नहीं करनी चाहिए | सोनू@7800080953.

Posted on: Jul 21, 2018. Tags: DELHI SONU GUPTA STORY

बेटियां भगवान का सबसे बड़ा वरदान है...बेटियों पर कविता

दिल्ली से चन्द्रप्रकाश बेटियों पर एक कविता सुना रहे है :
मेहँदी बोली कुमकुम का त्यौहार नहीं होता-
रक्षाबंधन के चन्दन का प्यार नहीं होता-
इसका आँगन एक दम सूना-सूना सा रहता है-
जिसके घर में बेटी का अवतार नहीं होता-
जिस धरती पर से मात्र शक्ति का मान नहीं जा सकता है-
नर के नारी से सम्मान नहीं जा सकता है-
बेटा घर में हो तो बेशक सीना ठंडा रह जाये-
बेटी घर में हो तो भूखा मेहमान नहीं जा सकता...

Posted on: Apr 16, 2017. Tags: CHANDRAPRAKASH DELHI

Recording a report on CGNet Swara

Search Reports »

Loading

Supported By »


Environics Trust
Gates Foundation
Hivos
International Center for Journalists
IPS Media Foundation
MacArthur Foundation
Sitara
UN Democracy Fund


Android App »


Click to Download