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न कोऊ हमारे हैं, बड़े दुखियारे हैं...एक बुन्देलखंडी गीत

न कोऊ हमारे हैं, बड़े दुखियारे हैं
बड़े भोर दातुन पानी कोटे में हमें नइया
आँख मीडत साऊ आगए कारे उठो नइया

कि आठ बजे तक बना के रोटी कटिया खवैया. पेंच लगवे रे फटना न कईया फिर काटन जइयों
लगे काटने दोई धार इन को नइया को नऊआ लगे करमन के बचका रे
लड़का बिटिया लगे खेलने न तन पर उन्ना रे
न कोऊ हमारे हैं, बड़े दुखियारे हैं
काम करत में बात न करते आँख में अंशु आए, ई जीवन को काम भला है
रोटी ना खाए उठा के रोटी पिया को देदे, नून मिर्च बांटो
दो दो रोटी सबने खाए फिर चारो काटो कि इ घर सर का ले चंगे
काहो को बेटा रोहे , रोहे परे बेटा के मारे
ततो पानी पी पी रोवे लड़का- बिटिया रे
न कछु के छारे है न कोऊ हमारे हैं
उन्ना लगता कोऊ को नैया साया फट गए मोरे
फूटी कौड़ी घर में नैया कहे को आए तिजोरे
न डाक्टर करे दवाई पांच हजार लेक देने न मिले नाज दवाई
सुने न कोई सरकार ,लूटे ससो नेता रे तो सरकार
पूंजी पतियाँ से मांगो दस दस रूपया रे
न कोऊ हमारे हैं

Posted on: Jul 12, 2013. Tags: Dashrath Kushwaha

Dont allow stagnant water if you dont want malaria in your village...

Dashrath Kushwaha from Tikamgarh in MP have malaria problem in his village. So he is visiting local malaria office and also helping us hear malaria officer who is telling him that we should try that there is no stagnant water in the villlage which is birthplace of mosquito larva. If you can not remove water then pour kerosene or larvacide there or request malaria department for spraying medicine. For more Dashrath Ji can be reached at 09981323647

Posted on: Apr 27, 2013. Tags: DASHRATH KUSHWAHA WATER

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