मिलजुल के आवा रे आवा, झुण्ड बांधि के आवा रे आवा...

परमेश्वरीजी ग्राम-पद्दूगोड़ा, ब्लॉक-बाघमारा, जिला-धनबाद, झारखंड की रहनेवाली भारती कुमारी से एक गीत रिकॉर्ड करवा रही हैं. गीत में लोगों से अपील की जा रही है कि सभी लोग मिलजुलकर जल-जंगल-जमीन को बचाएं :
मिलजुल के आवा रे आवा-
झुण्ड बांधि के आवा रे आवा-
एकता कर संगे चला-
विरिसा कर धेंसे रे-
जंगल-जमीन-पहाड़ बचावा-
मिलजुल के आवा रे आवा-
झुण्ड बांधि के आवा रे आवा – एकता कर संगे चला-
विरिसा कर धेंसे रे – जंगल-जमीन-पहाड़ बचावा – जंगल-जमीन-नदी बचावा-

Posted on: Jan 22, 2015. Tags: Bharti Kumari

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