कैसे बतावों तोला, सब महिला मन के हाल...छत्तीसगढ़ी गीत

जुलेखा जबीन जागृति महिला संगठन, छत्तीसगढ़ से अनुराधा निराला जी का एक छतीसगढ़ी गीत रिकॉर्ड करवा रही हैं, गीत सामाजिक रिश्तों में महिलाओं के साथ होने वाले हिंसा व भेदभाव पर आधारित है:
सुरता मा आथे मोला, कैसे बतावों तोला
रोना हो ! सब महिला मन के हाल, सब नारी मन के हाल
नारी मन के ऊपर बहिनी, होथे भारी शोषण
उठा-उठा-जागा बहिनी, अत्याचार मिटाबो, अत्याचार मिटाबो
जागा बहिनी मन, जागा महिला मन
सुरता मा आथे मोला...
रोज़ रोज़ चूल्हा फुँकाते लईका ला धराते, लईका ला धराते
पढ़े लिखे नहीं भैजयिन गोबर सैताथें, गोबर सै सैताथें
लड़कई मा शादी करके ससुराल भेज देथें ससुराल भेज देथें
सुरता मा आथे मोला
कैसे बतावों तोला
रोना हो सब महिला मन के हाल, सब नारी मन के हाल…

Posted on: Aug 21, 2014. Tags: SONG VICTIMS REGISTER Zulekha Jabeen