सावन महिनामां में, कांवर उठा ल भईया जी...भक्ति गीत
विजय प्रसाद एवं उनके साथ अवधेश प्रसाद, राजनारायण प्रसाद चकरसूल, पोस्ट महदैया थाना मीनापुर, मुजफ्फरपुर (बिहार) से एक भक्ति गीत सुना रहे हैं:
बड़ा नीक लागेला देवघर नगरिया-
सावन महिनामां में-
कांवर उठा ल भईया जी-
जलवा चढ़ाल भईया जी-
कतेक दानी बाटे भोला बउरहवा-
अन्न धन से भोला दानी भरेलन घरवा-
भंगियां धतुरवां से मातल रहेला-
सावन महिनामां में, कांवर उठा ल-
अन्हरा के आंख दिहले कोढ़ीया के काया-
बांझीन के पूत्र दिहले निर्धन के माया-
जटवा से बहेला गंगा जी के धरवा-
सावन महीनमां में...
भोलादानी के हमहुं करेली अरजीया-
तोहके भरोसेबानी, अईली हम दुअरिया-
बोलबम के नरवां में गुंजेला मंदिरवां...
Posted on: Jul 14, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER Vijay Prasad
तन के पसीनवां से लीहलु जनमिया गणेश जी के ना...गणेश वंदना
विजय प्रसाद ग्राम चकरशुल, थाना मीनापुर, जिला मुजफ्फरपुर बिहार से एक गणेश वन्दना सुना रहे हैं :
तन के पसीनवां से लीहलु जनमिया गणेश जी के ना-
हम करी सुमिरनवां गणेश जी के ना-
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा-
गणेश जी के ना हम करी सुमीरनवां-
माता गौरा पार्वती ,पिता महादेवा-
पिता महादेवा हो पिता महादेवा-
पान चढ़े फूल चढ़े मेवा गणेश जी के ना-
हम करी सुमीरनवां...
Posted on: Dec 10, 2016. Tags: Vijay Prasad
शिव नगरिया चलले कांवरिया... शिव नचारी भजन गीत
विजय प्रसाद गांव-चकरसूल, पोस्ट-महदैया, थाना-मीनापुर, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से शिव भजन (नचारी) सुना रहे है, हारमोनियम पर अवधेश प्रसाद श्रीवास्तव तबला पर राजनारायण जी साथ दे रहे है:-
शिव नगरिया चलले कांवरिया-
शिव शंभु के दुअरिया में-
दु:ख दुर करिहे भरिहे खजाना-
शिव शंकर के दुअरिया में-
औघरदानी के महिमा अपार-
जन-जन के भोला करे बेड़ा पार-
तेपरी धाम से जलवा उठाव-
चरण ढ़ारब शिव शंभु के दु:ख दूर-
अनाथन के नाथ हउवन भोला भण्डारी-
गरीबी दु:खीयन के देवेलन सहाई-
सबसे बा दानी भोला भण्डारी-
आ गईले तोहरी दुअरिया में-
दु:ख दूर...
Posted on: Aug 03, 2016. Tags: SONG VICTIMS REGISTER Vijay Prasad
दारु बंदी लागू भैले, बहिना कइले ऐलान...मद्यनिषेध पर जागरूकता गीत
विजय प्रसाद ग्राम चकरशुल थाना मीनापुर मुजफ्फरपुर बिहार से मद्यनिषेध
पर जागरूकता गीत सुना रहे हैं :
बिहार के भईया बहिनिया सुनीइयौ-
सुनीयौ मजदूर किसान-
दारु बंदी लागू भैले-
बहिना कइले ऐलान-
सब मिली सोचीहो-
दूध बेचतई दारु वाला भाई...
