किसान, उसके लोभी बेटे और सांप की कहानी -

एक गाँव में एक किसान रहता था किसान की सारी जमीन अकाल से सूख चुकी थी. ठंडी के मौसम में वह एक पेड़ के नीचे आराम कर रहा था उसी समय सांप दिखाई दिया किसान ने सोचा यह सांप यहीं रहता है| लेकिन मैंने कभी इसकी पूजा नहीं की शायद इस वजह से मेरी जमीन सूख गई है| अब मैं हर रोज इस सांप की पूजा करूँगा | किसान एक कटोरे में दूध लेकर आया और उसने उसे बिल के पास रख दिया और कहा सर्प देवता मैं नहीं जानता था कि तुम यहाँ रहते हो इसलिए मैंने तुम्हारी पूजा कभी नहीं की मुझे क्षमा कर देना अब मैं आपकी पूजा हर रोज करूँगा | किसान ने सांप को दूध दिया अगली सुबह दूध की कटोरी में सोने का सिक्का था अब हर रोज किसान सांप को दूध दिया करता और एक सोने का सिक्का प्राप्त करता था | एक दिन किसान दूसरे गाँव गया उसने अपने बेटे को हर रोज दूध देने को कहा उस शाम उसका बेटा दूध देने को गया अगले सुबह कटोरी में सोने का सिक्का दिखाई दिया तो उसके बेटे ने सोचा ये सांप कंजूस है इसके बिल में बहुत सारे सोने है | लेकिन ये हमे हर रोज एक ही सिक्का देता है | अगर मैं इसे मार दूँ तो सारा सोना मिल जायेगा | अगले दिन सांप को दूध देते समय लड़के ने एक छड़ी से वार किया तो उसने लड़के को काट लिया और लड़का वहीँ पर मर गया | सांप भी जख्मी था वह भी धीरे-धीरे अपने बिल पर गया किसान के रिश्तेदारो ने उनके बेटे का दाह संस्कार किये जब किसान लौटा तब बहुत नाराज हुआ | उसे सांप पर गुस्सा आया सांप ने उसे सब कुछ बताया तब किसान ने कहा मैं जानता हूँ इसमें मेरे लड़के का ही दोष है| मैं उसके तरफ से आपसे माफ़ी मांगता हूँ| किसान दूसरे दिन दूध दिया और फिर से बोला मेरे बेटे को माफ़ कर देना सांप कहा इसमें न तो आपके बेटे का दोष है न मेरा दोष है स्थिति ही कुछ ऐसी थी भाग्य जो होगा उसे कौन टाल सकता है जैसी करनी वैसी भरनी |

Posted on: Dec 06, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VISHNU PAL