पीड़ितों का रजिस्टर : काम न करने का आरोप लगा कर नक्सलियों ने पीटा, जान से मारने की धमकी दी...

वीरसाय पोटाई, जिनका पैतृक गाँव चिनारी, पोस्ट दंडवान, जिला नारायणपुर है, 2015 में नक्सली हिंसा के कारण अपने गाँव से विस्थापित होने के पश्चात नारायणपुर में सपरिवार रहते हैं।
वे बताते हैं कि उन्होंने बचपन में 5 वर्ष तक माओवादियों के साथ काम किया। फिर लौटने के बाद वे वापस नक्सलियों के साथ नहीं गए किन्तु घर से ही उनके लिए चावल इकठ्ठा करने जैसे काम करते रहे। उन्होंने फाइनेंस करा के ऋण में एक ट्रैक्टर खरीदा था, जिसमे डीजल भराने वे अपने गांव से नारायणपुर जाया करते थे। इसी कारण से उनपे नक्सलियों ने शक किया की वे पुलिस को मुखबिरी करते हैं। इसी संदेह के आधार पे उन्हें नक्सली जन अदालत में ले गए, जहाँ उनके 2 अन्य साथियों की मुखबिर बता कर के हत्या कर दी गई। उनपे आरोप लगाया गया की वे नक्सलियों के साथ अब काम नहीं करना चाहते और दण्डस्वरूप उन्हें मारा पीटा गया। इसके बाद पुलिस उन्हें नारायणपुर ले कर आयी।
वे बताते हैं कि उनके पैतृक गाँव में उनके पास 22 एकड़ जमीन व मवेशी इत्यादि थे। जिस कंपनी से उन्होंने अपना ट्रैक्टर फाइनेंस करवाया था, उसने किश्त न पटने के कारण उनका ट्रैक्टर भी जब्त कर लिया है। नारायणपुर में उन्हें सरकार से कोई सहायता नहीं मिली।
मदद की गुहार लगाने पे एसपी ने उन्हें नौकरी का लालच दे कर नक्सलियों से मुठभेड़ कर उन्हें मार गिराने कहा। अपनी जान की परवाह करते हुए उन्होंने मुठभेड़ करने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें अपने गाँव वापस जाने को कहा। लेकिन उन्हें डर था कि नक्सली उन्हें मार डालेंगे जिसके उपरान्त वे 2015 से अपने परिवार के 8 सदस्यों के साथ नारायणपुर में ही बनी मजदूरी करके अपना जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
इनका एफआईआर दर्ज हो चुका है, लेकिन पिछले 5 साल से वे अपने गाँव नहीं लौट पाए हैं। सरकार की पुनर्वास योजना के लाभ की अपेक्षा में हैं। संपर्क नंबर@9301409699.

Posted on: Aug 01, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR VICTIMS REGISTER VIRSAY POTAI