शासन द्वारा तोड़े 40 घरों के लोग पट्टे और मुआवजे की मांग लेकर अनशन पर, कृपया मदद करें...
ग्राम-छिपिया, पंचायत-कोटा, थाना-पनवार, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से वीरेंद्र कुमार बता रहे हैं कि 03-06-2017 को शासन द्वारा 40 लोगो के घर गिरा दिए गए हैं जिसके कारण आज वे दर-दर भटक रहे हैं, बच्चे भूखे हैं सभी क्रमिक अनशन कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग हैं कि उन्हें मुआवजा दिया जाय और पट्टा दिया जाये। अनाज जो था वो भी घर ढहाते समय दबा दिया गया है वे अपनी व्यथा रो-रो कर बयान कर रहे है. 2012 में भी यही किया गया था लेकिन उस समय इनकी सुनाई करके घर ढहाने का काम रोक दिया गया था इसलिए साथी सीजीनेट सुनने वाले साथियों से मदद की अपील कर रहे हैं कि अधिकारियों को फोन करें ताकि गरीब ग्रामीणों को न्याय मिल सके| जिलाधिकारी@9425903973. वीरेंद्र कुमार@9584389840
Posted on: Jun 11, 2017. Tags: SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA SINGH
आदिवासी समुदाय महुआ के फूल को अपना राष्ट्रीय फूल मानते हैं, यह उनके जीवन से जुड़ा हुआ है...
वीरेंद्र सिंह मरावी महुआ के पेड़ से मिलने वाले लाभ के बारे में बता रहे है, वे बता रहे हैं कि महुआ के फूल को आदिवासी अपना राष्ट्रीय फूल मानते है इसकी खुशबू सालो साल तक यथावत बनी रहती है इसके फूल को दो मिनिट पानी में भिगोने पर यह ऐसे दिखाई देता है जैसा ताज़ा फूल हो.आदिवासियों के जीवन और जीविका से यह सीधा जुड़ा है, आदिवासी समुदाय प्रकृति पर निर्भर है जल जंगल जमीन से उनका सीधा जुड़ाव है, वे आगे कह रहे हैं कि अगर जंगल से या वनोपज से आदिवासी समुदाय को दूर कर दिया जाए तो आदिवासी समुदाय का जिन्दा रहना मुश्किल हो जायेगा, महुआ से लोग खाने में लाटा, हलुआ, और बिस्किट भी बनाते है है जो स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत लाभदायक है.
