यह नदी तो चांदनी की नदी है, आओ नहायें आज हम तुम...नर्मदा नदी पर कविता -

शहडोल (मध्यप्रदेश) से संतोष द्विवेदी कवि अवध प्रताप शरण की नर्मदा नदी पर लिखी एक कविता सुना रहे हैं :
यह नदी तो चांदनी की नदी है, आओ नहायें आज हम तुम-
डूब जाएं तली छूलें इस नदी की-
इस नदी को किस जन्म के पुण्य के फल से हमारे-
गाँव लाई रास्ते की कई भूलें इस नदी की-
पुराने है विंध्य मेकल हिमालय से भी पुराने-
कह रहे है कहानी सबसे पुरानी इस नदी की...

Posted on: Dec 29, 2017. Tags: SONG Santosh Dwivedi VICTIMS REGISTER