क्योम-क्योम केहिता ताका डोंगुमेटा ते जलियो येनदी ता...गोंडी गीत
ग्राम-रोड़ावाई, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से उत्तम अटला एक गोंडी गीत सुना रहे है :
क्योम-क्योम केहिता ताका डोंगुमेटा ते जलियो येनदी ता-
वायेन इचोन दोहेना ताका डोंगुमेटा ते जलियो येनदी ता-
वायोन आयो वायिना ताका डोंगुमेटा ते जलियो येनदी ता...
Posted on: Apr 20, 2017. Tags: SONG SUKHRAM ATALA VICTIMS REGISTER
रे रेलों लोयो रे रेला रे रेला रे लोयो रे रेला...गोंडी गीत
ग्राम-रोंडावाई, पोस्ट-घट्टा, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से दीपिका मडावी एक गोंडी गीत सुना रही हैं:
रे रेलों लोयो रे रेला रे रेला रे लोयो रे रेला-
अगा डुकेती मडा कोडी ते रे डुकेती-
मडा फुरुंग ते तुरसा डुकेती-
आहके वियादे आचा गियादी-
बाई फला ते ओन गियादी निवा देश ते
रे रेलों लोयो रे रेला रे रेला रे लोयो...
Posted on: Mar 29, 2017. Tags: SONG SUKHRAM ATALA VICTIMS REGISTER
आदिवासी को अधिकतर रोज़गार जंगल से ही मिलता है, बरसात के समय हम खेत में काम करते हैं...
ग्राम-कुतेगाँव, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से मीना मडावी के साथ में सुखराम अटाला ग्राम-रोंडावाई, तहसील-धनोरा, जिला-गढ़चिरोली के रहने वाले है और अभी वो जिला-अनूपपुर मध्यप्रदेश में है बता रहे है कि आदिवासी समाज में किस तरह से वे अपना जीवन यापन करते है और किस तरह से रोजगार मिलता है उसके बारे में जानकारी दे रहे है, वे कह रहे हैं कि आदिवासी मूलत: जंगल पर ही अपने जीवन के लिए निर्भर होता है जहां से उसे जीवनयापन के लिए बहुत सी चीज़ें मिलती हैं. बारिश के समय में लोग मजदूरी करने लिए अपने और दूसरो के यहाँ जाकर भी खेत का काम भी करते है जैसे जोतना, बोना, निदाई करना ये उनके लिए एक रोजगार भी होता है| ऐसा वे गोंडी बता रहे है| मीना@7719930515
