रिश्तो की पूजा जहां हो आदर बड़ो का वहां हो...गीत-

ग्राम पंचतयात-कोटराही, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से सुखारू धुर्वे अपनी सखी माला धुर्वे, सविता धुर्वे, सुशीला धुर्वे के सांथ एक गीत सुना रहे हैं :
रिश्तो की पूजा जहां हो आदर बड़ो का वहां हो-
सीके जो ममता की आंचल, आंसू गंगा जल-
हंसना हंसना है रोना रुलाना है-
खोना है पाना है फिर मुस्कुराना है-
कहानी हलचल, कहानी हलचल – रिश्तो की पूजा जहां हो आदर बड़ो का वहां हो...

Posted on: Jun 08, 2018. Tags: SONG SUKHARU DHURWE VICTIMS REGISTER