हमारे गांव का नाम घोरटी कैसे पड़ा: एक गाँव की कहानी -

ग्राम-घोरटी, पंचायत-जलावन, ब्लाक-चैनपुर, जिला-गुमला (झारखण्ड) से सुधीर तिर्की गांव का नाम घोरटी कैसे पड़ा उसकी कहानी बता रह है उनके गांव में श्रीनगर के राजा जो शासन करने आते थे उनका मकान यहाँ पर था वहां पर घोड़े के द्वारा आते थे और घोड़े को एक जगह बाँधते थे बगीचा में तो उसी के नाम से घोरटी नाम रखा गया | राजा अपने घोड़े को उस जगह पर खूटे में बांधता था, उसी के नाम पर इस गांव का नाम घोरटी पड़ा और आज भी चल रहा है, राजा जशपुर के थे लेकिन श्रीनगर में भी उनका मकान होने के कारण आना जाना करते थे, ये जानकारी उन्होंने गांव के सरपंच के द्वारा प्राप्त की है| अंकित पडवार@9993697650.

Posted on: Jul 03, 2018. Tags: GUMLA SONG STORY SUDHEER TIRKI VICTIMS REGISTER