लाला जी ने केला खाया...कविता-
ख़ास पारा, ग्राम-श्याम नगर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से श्रृष्टि राजवाड़े एक बाल कविता सुना रही हैं :
लाला जी ने केला खाया-
केला खाकर मुह पिचकाया-
मुह पिचाकार कदम बढाया-
कदम के नीचे छिलका आया-
लाला जी फिर गिरे धडाम-
मुह से निकला हाय राम...
