जीवन के देवैया, पवन पुरवैया...

साथी रघुराम झड़िया छत्तीसगढ़ में जिला कोंडागाँव के निवासी है यह जड़ी बूटी के वैद्य हैं अपना अनुभव एक गीत के माध्यम से रखना चाहते हैं :
जंगल जल भंगार हावे जंगल जीव के काम आवै
जीवन के देवैया, पवन पुरवैया
रूप में हमर मितान हैं मितान है मितान
आमा इमली नीम लगावा जाम लगांव गाम मा
हर्रा बेवड़ा आंवला लगाबो हमन खावथगा
महुआ तेंदू चार चिरोंजी जीवन के देवैया

Posted on: Jan 01, 2014. Tags: Raghuram Jhadia