कविता : सूरज सा चमकू मैं, चन्दा सा चमकू मैं...

ग्राम-बागड़ोंगरी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से रणजीत कुमार मंडावी और उनके साथ है स्कूली बच्चा तरुण पोटाई एक कविता सुना रहा है:
सूरज सा चमकू मैं, चन्दा सा चमकू मैं-
जगमग-जगमग द्वास, तारों सा दमकू मैं-
मेरी अभिलाषा है, फूलों सा महकू मैं-
सागर सा लहराऊ, सेवा के पद मैं-
सामानों सा मिट जाऊ, मेरी अभिलाषा है...

Posted on: Nov 15, 2019. Tags: NARAYANPUR CG RANJEETKUMAR MANDAVI SONG VICTIMS REGISTER