वनांचल स्वर : इमली कम है इसलिए इसका प्रयोग सब्जी बनाने में करते है बेच नहीं पाते हैं...
सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा आज ग्राम-चारगाँव, पंचायत-भारवी, ब्लाक-भानुप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) में पहुँची है वहां बाबूलाल नेटी की मुलाक़ात गाँव के राजेश कुमेटी से हुई है जो उन्हें इमली के बारे में बता रहे है उनका कहना है कि इमली के पेड़ उनके घरो में ही मिल जाती है पर उनके आसपास के जंगलो में आजकल इमली के पेड़ बहुत कम है. इमली का प्रयोग लोग खटाई बनाने में या सब्जी बनाने में करते है पर आजकल उत्पादन कम है इसलिए उसे घर में ही खाते है और उसको वे लोग नहीं बेचते है. अधिक जानकारी के लिए राजेश कुमेटी@7089052402.
