मिरगा नाभि में कस्तूरी खोजे जंगल सगरी...भजन-
ग्राम-फतेपुर, जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से प्रेमचंद कांसी एक भजन सुना रहे हैं:
मिरगा नाभि में कस्तूरी खोजे जंगल सगरी-
आज मनुष्य के उहै हाल बा जाने न कट गेंदरी-
प्रभु जी सबके भीतर बानी आइसत नगरी-
महापुरुष कलयुग में भैया ज्ञान सहज अबरी-
आज दुनिया में सगरी जाके बेलन घट भितरी-
जाति धरम के बात करत है मानुष एक सगरी-
सभी प्रेमी गुरु चरण में गीरल बा पगड़ी...
