बंगाल के हमारे गाँव में पहले संथाली भाषा में भी शिक्षा दी जाती थी, अब सिर्फ बांग्ला, अंग्रेज़ी...
अम्बेडकर विश्वविद्यालय (दिल्ली) से धीरज सिन्हा जो विश्वविद्यालय के रिसर्च स्कॉलर और बंगाल के रहने वाले हैं, रिसर्च के दौराने हुवे अपने अनुभव को बता रहे हैं, ग्राम-रुकमी, जिला-झारग्राम के प्राइमरी स्कूल में 2014 से पूर्व संथाली और बंगाली भाषा से शिक्षा दी जाती थी लेकिन प्राइमरी स्कूल के बाद संथाली भाषी छात्र आगे नही बढ़ पाते थे, क्योंकि हाई स्कूल संथाली भाषा में नही था, 2014 से पूर्व यह काफी बड़ा मुददा था जिसके कारण 3 साल तक स्कूल बंद हो गया और 2016-17 के अंत तक दोबारा शुरू हुआ, लेकिन उसमे अंग्रेजी और बंगला से पढाई होती है, संथाली भाषा हटा दिया गया, जो एक गंभीर विषय है, यह भाषा धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं |
