कविता : यह कदम का पेड़ अगर ना होता यमुना तीरे...

ग्राम-रक्क्षा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालुमाड़ा, ब्लाक-जैहतरी, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से नांगदिव्या जोगी एक कविता सुना रही हैं:
यह कदम का पेड़ अगर ना होता यमुना तीरे-
में भी उसमे बेठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे-
दे देती अभी मुझे बासुरी तुम दो पैसे वाली-
किसी तरह नीचें हो जाती यह कदम की डाली-
तुम्हेँ कुछ नही कहता पर में चुपकें-चुपकें आता-
उस नीची डाली से अम्मा ऊचें पर चढ़ जाता-
वही बैठ बड़े मजे मैं बांसुरी बजाता-
अम्मा-अम्मा स्वर में मैं तुम्हे बुलाता...

Posted on: Nov 06, 2019. Tags: ANUPPUR MP NAAGDIVYA JOGEE SONG VICTIMS REGISTER