भौंरा और गोबर कीड़ा की कहानी...

ग्राम पहाड़ कोरवा, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मोहनलाल यादव एक कहानी सुना रहें है :
भौंरा और कीड़ा (गोबर) मित्र थे उन दोनों ने एक साथ जगत घूमने का फैसला लिया कीड़ा (गोबर) सबसे पहले गोबर कन्डो में ले गया पूरे दिन घूमने के पश्चात् जब भौंरे को भूख लगी तब दोनों राजा जी के बगिया में फूल का रस चूसने के लिए गए तभी कीड़ा (गोबर) भौरा के देखा-देखी फूलों को चूसने लगा और कमल फूल में जा बैठा। शाम का समय था तो कमल सिकुड़ गया और कीड़ा वहीं अन्दर फंस गया. सुबह राजा ने अपने माली को कहा जाओ फूल तोड़ लाओ हमे शिव मंदिर जाना है तब माली वही फूल ले आता है जिसमे कीड़ा रहता है फिर राजा पूजा आर्चना कर फूल चढ़ाते है जिसके पश्चात पुजारी अवशेष को गंगा में छोड़ आते है जिससे कीड़ा (गोबर) गंगा स्नान से तर जाता है...

Posted on: Apr 18, 2017. Tags: MOHANLAL YADAV SONG VICTIMS REGISTER