उर्पल ते उर्पल ते पत्ते केयिता दादा ...गोंडी किसानी गीत
जिला-मलकानगिरी (उड़ीसा) से कोसा मडकामी विज्जा एक गोंडी गीत सुना रहे हैं किसान जब धान बोने की शुरुआत करते हैं तब यह गीत गाया जाता है:
उर्पल त उर्पल त पत्ते केयिता, हो दादा उर्पल त उर्पल त खाती केयिता-
हो दादा मल्लो ते मल्लो ते दाका रोसेला-
रे रे ला रे रे ला रेला रेला, रेरेला रेरेला रेरेला रेला रेरेला-
वेरका त वेरका त उर्पले केयिता हो दादा, वेरका त वेरका त उर्पले केयिता-
हो दादा मल्लो ते मल्लो ते दाका रोसेला-
रे रे ला रे रे ला रेला रेला रेरेला रेरेला रेरेला रेला रेरेला-
गोड़ेल त गोड़ेल त माव केयिता हो दादा-
