नन्ही-नन्ही बूंदे बनकर, आसमान में तू छाई...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी कविता सुना रहे है:
नन्ही-नन्ही बूंदे बनकर,आसमान में तू छाई-
रिमझिम-रिमझिम बरसकर, धरती को तूने नहलाई-
बारम्बार वर्षा बनकर, धरती की प्यास बुझाई-
धरती माँ की प्यास बुझाकर, नदी नाला तूने बहाई-
धरती में हरियाली लाकर, सबका भूख प्यास मिटाई-
तू हितकारी उपकारी, तू धरती की महतारी-
तेरी दया से सब कुछ मिलता, धरती सबका है महतारी...

Posted on: May 18, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYARI SONG VICTIMS REGISTER

हैंडपंप नहीं है, 2 किलोमीटर दूर से लोग पानी लाते है, करीब 20 साल से समस्या बनी हुई है...

ग्राम पंचायत-बिजौडी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से घनश्याम यादव बता रहे हैं, हमारे गाँव के वार्ड क्रमांक 18 और 3 में पानी की समस्या है, 2 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है, ये समस्या करीब 20 साल से बनी है, इसके उन्होंने अधिकारियों के पास कई बार आवेदन दिया, लेकिन अभी भी स्थिति में वही है, करीब 128 और 185 की जनसंख्या इस समस्या से पीड़ित है, इसलिए वे सीजीनेट के संथियो से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरो पर अधिकारियों से बात कर निवेदन करे, जिससे पानी की समस्या हल सके: सरपंच@8089253764, सचिव@9131152915, PHE@9227413181. संपर्क@8819078573.

Posted on: May 11, 2018. Tags: KANHAIYALAL KEWAT SONG VICTIMS REGISTER

पसीना बहाबो कनिहा तोड़बो, आगु आगु ला करबो बुता काम...छत्तीसगढ़ी कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी छत्तीसगढ़ी में एक कविता सुना रहे है:
देख तो गा समारोह खेत खार मा, बंद कचरा हत कैसन जामे है-
निंदाई गुड़ाई नहीं करबो त, खेत जाखो ला साने हे-
अइसन में कइसन धान होई, धान गच ल डाते है-
खेती हमर जिन्दगी आय, खेती हमर जिन्दगी आय झोख करबो बने देख रे-
एक मोटा अगर पाबो, जब चलाबो अपन जांगर-
पसीना बहाबो कनिहा तोड़बो, आगु आगु ला करबो बुता काम-
कोठी मा भरे रहे हमर, किस्म-किस्म के जम्मो धान...

Posted on: May 05, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYAARI SONG VICTIMS REGISTER

लोगो के पास रहने के लिए झोपड़ा नही, पर कितने बिल्डिंग खंडहर हो रहे...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक रचना सुना रहे है:
लोगो के पास रहने के लिए, झोपड़ा नही, पर कितने बिल्डिंग, खंडहर हो रहे-
लोगो को खाने को नही मिल रहा, पर कितना खाना कूड़े में, फेक दिया जाता-
लोगो को पीने को पानी नही मिल रहा, पर कितना पानी गटर नाली में बहाया जाता है-
लोगो को पहनने को कपड़ा नही मिलता, पर कितने कपड़े कूड़े दान में फेका जाता है-
धनवान मौज मस्ती कर रहा है, पर निर्धन मन अफ़सोस कर रह जाता है-
इन पर शासन का ध्यान, क्यों नही जाता...

Posted on: May 04, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYAARI SONG VICTIMS REGISTER

दादी अम्मा, दादी अम्मा, हमको ये बताना...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियार एक कविता सुना रहे है:
दादी अम्मा, दादी अम्मा, हमको ये बताओ ना-
दादा तुमको कैसे पटाया, हमको वो बतलाओं ना-
दादी बोली चल नटखट, हमको तुम सताओ ना-
दादा तुम्हारा लट्टू था हम पर, पट गया हमसे वो झटपट-
समझ गया मै तुम दोनों का, एक दूजे से करते थे बहुत प्यार-
झटपट दोनों की बात बन गई, न कर सके एक दूजे से इन्कार-
दादी बोली चुप शरारती, समझ गई तेरा लाड़ दुलार...

Posted on: May 03, 2018. Tags: KANHAIYALAL PADHIYAARI SONG VICTIMS REGISTER

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