पीड़ितों का रजिस्टर: पुलिस ने पकड़ कर छोड़ दिया, इसलिए मुखबीर बता कर गांव से भगाया...
मंगलूराम हिचामी, ग्राम बेरहबडा, पंचायत मठानर्स, ब्लॉक ओरछा, जिला नारायणपुर, छत्तीसगढ़ बताते हैं कि पुलिस ने उन्हें पकड़ा था, लेकिन आधे रास्ते में छोड़ दिया। इस वजह से नक्सलियों ने उन्हें मुखबीर करार दिया। डर से भाग कर तब से इमलीपडेर, नारायणपुर जिला मुख्यालय में रहते हैं। सरकार से कोई मदद नहीं मिली है। इनका एफआईआर दर्ज हुआ है लेकिन उससे जुड़ा कोई भी कागज इन्हें नहीं दिया गया है। सरकार से कुछ आर्थिक मदद की अपेक्षा करते हैं जिससे मकान बनाने में सहायता मिल सके। संपर्क नंबर@8815138244.
Posted on: Oct 28, 2021. Tags: BEREHBADA CG DISPLACED MANGLURAM HICHAMI MAOIST VICTIM NARAYANPUR ORCHHA VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: शहर आवाजाही पे मुखबीर समझकर गांव से भगाए गए...
रैनूराम हिचामी, ग्राम ढुंडरीबेड़ा, पंचायत मेटानार, ब्लॉक ओरछा, जिला नारायणपुर, छत्तीसगढ़ से बताते हैं कि वे अपने गांव में शिक्षक के रूप में काम करते थे। उन्होंने कक्षा 12वीं तक पढ़ाई कि है। बच्चों के लिए कॉपी-किताब लाने व बैंक के काम से उनहेइऑन नारायणपुर आना जाना पड़ता था। इसी कारण उनपे नक्सलियों ने मुखबिरी का शक किया। जिसके पश्चात वे और उनकी पत्नी पलायन कर नारायणपुर जिला मुख्यालय या गए और तब से नायपारा में रहते हैं। सरकार से उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। संपर्क नंबर@7646842674.
Posted on: Oct 28, 2021. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM METANAR NARAYANPUR ORCHHA RAINURAM HICHAMI VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: माओवादियों ने बेटे को मुखबीर बता कर मार दिया, तब से नारायणपुर में रहते हैं...
रसूल कोर्राम, ग्राम पंचायत मैनागवाड़ी, ब्लॉक नारायणपुर, जिला नारायणपुर, छत्तीसगढ़ से बताते हैं कि 2002 में नक्सलियों ने उनके बेटे को मुखबीर बता कर मार डाला, तब से वे नारायणपुर जिला मुख्यालय के बंगलापारा में एसपीओ कालोनी में रहते हैं। वे बताते हैं कि उनका बेटा 10वीं कक्षा में पढ़ता था। नक्सलियों ने जन अदालत कर उनके बेटे को 2 बार पीटा था। उसके बाद जब माओवादी उसे खोजने लगे, तब वे अपने बेटे को लेकर नारायणपुर भाग गए। लेकिन वहाँ पुलिस से मिलीभगत कर, नक्सलियों ने उसे बड़गांव में मार डाला। सरकार से उन्हें रु. 1 लाख व रहने के लिए 2 डिस्मिल जमीन मिली थी, लेकिन उससे संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं दिया, जिससे उनका आधिपत्य प्रमाणित हो सके। वर्तमान में रोजी मजदूरी करके गुजारा करते हैं।
Posted on: Oct 28, 2021. Tags: 2002 CG DISPLACED KILLED MAINAGAWADI MAOIST VICTIM NARAYANPUR RASUL KORRAM VICTIMS REGISTER
सरकार के मदद न करने के कारण स्थति न घर का ना घाट का हो गई: प्रथम सरेंडर्ड नक्सली बने सरपंच
प्रथम सरेंडर्ड नक्सली जो की सरपंच चुने गए, ग्राम पंचायत कलेपाल के बुरसुराम मंडावी अपने गाँव से 25 किमी दूर ग्राम पंचायत पखनार, तहसिल- दर्भा , जिला- बस्तर, छत्तीसगढ़ में रहते हैं। कारण है नक्सलियों द्वारा मारे जाने का भय। माओवादियों के जन मिलिशिया के सदस्य रहे बुरसू जी ने 2017 में आत्मसमर्पण किया था। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इन्हें घर और नौकरी मिलनी चाहिए थी जिससे ये अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें। नौकरी की आशा में उन्होंने 3 साल पुलिस के साथ मुफ़्त में काम किया। वे पुलिसवालों को ग़श्त लगाने में मदद करते थे। लेकिन इतने दिनों के बाद भी कोई लाभ ना मिलने पर वे उनका काम छोड़ कर राजनीति में आ गए और चुनाव जीता। लेकिन माओवादियों के खिलाफ पुलिस की मदद करने के कारण नक्सली उन्हें अपना दुशमन समझते हैं और संभवतः उन्हें मार देंगे। अब न तो वे अपने गाँव जा कर अपने जमीन पे खेती कर सकते हैं और न ही बिना किसी सहायता के मुख्यधारा में सामान्य रूप से अपना जीविकोपार्जन कर सकते हैं। वे कहते हैं उनकी और उनके जैसे ज्यादातर सरेंडर किए लोगों की स्थिति न घर का ना घाट का हो गई है। संपर्क नंबर- 7722954921
Posted on: Oct 26, 2021. Tags: BASTAR BURSURAM MANDAVI CG DARBHA KALEPAL MAOIST NAXAL VICTIM REGISTER
हमारे गाँव में सी सी रोड नही हैं आने जाने में बहुत परेशानी होती हैं मदद करें .…
ग्राम बड़े काकलुर 2 कुचेपारा तहसील बास्तानार जिला बस्तर (छत्तीसगढ़) से समलू राम पोडियामी जी बता रहे है कि हमारे गाँव में सीसी रोड कि आवश्यकता है बरसात के समय कीचड़ होता है जिसमे लोगों को आने जाने कि परेशानी होती है तथा एम्बुलेंस एवं यातायात साधनों की सुविधा ना होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है अधिक जानकारी के लिए संपर्क नम्बर@ 7647008926, इससे सम्बन्धीत अधिकारियो का नम्बर कलेक्टर@8458956694, सी ई ओ 9406016762, सचिव@7587020974, सरपंच 9479220948 ,
