छुनुर-छुनुर सुर मा तोर पैरी बांजे का रे...छत्तीसगढ़ी गीत-
खैरागढ़ जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से जया मुंडे एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहीं हैं-
छुनुर-छुनुर सुर मा तोर पैरी बांजे का रे-
पैरी के सुर निक लागे रे, पैरी के सुर निक लागे रे-
तोर बर मयारू मोला मया लागे ना-
तोर बर मयारू मोला मया लागे का रे-
तैहा पिया दे राजा पिरित के पानी ला-
छुनुर-छुनुर सुर मा तोर पैरी बांजे का रे...
Posted on: Oct 18, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
चौरा मा गोंदा रसिया मोर बारी पताल रे चौरा म गोंदा...लोक गीत-
ग्राम-लखमा ब्लॉक-जयजयपुर, जिला-जांजगीर-पांचा (छत्तीसगढ़) से संपत यादव लोक गीत सुना रहें हैं-
चौरा मा गोंदा रसिया मोर बारी पताल रे चौरा मा गोंदा-
चौरा मा गोंदा रसिया मोर बारी पतल रे चौरा मा गोंदा-
लाली गुलाबी रंग छिचत रहिबे राजा मोर-
लाली गुलाबी रंग छिचत रहिबे राजा मोर-
चौरा मा गोंदा रसिया मोर बारी पतल रे चौरा मा गोंदा-
चौरा मा गोंदा रसिया मोर बारी पतल रे चौरा मा गोंदा...
Posted on: Oct 18, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
झूलो भवानी झुलना की माता तोरि लाल झुलावे...देवी गीत-
जिला-शहडोल (मध्यप्रदेश) से पप्पू कुमार झारिया नवरात्रि की पावन अवसर पर एक देवी गीत सुना रहें हैं-
झूलो भवानी झुलना की माता तोरि लाल झुलावे-
काहेन के तोर बने पलना-
काहेन लागी डोर की माता तोरि लाल झुलावे-
चन्दन काट को तोर बने पालना-
रेशम लागी डोर की माता तोरि लाल झुलावे...RK
Posted on: Oct 17, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
बेल तरी बेलन बेलन तरी ढोल...छत्तीसगढ़ी लोक गीत-
ग्राम-केरा, जिला-जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़) से राम प्रसाद छत्तीसगढ़ी बोली में एक छत्तीसगढ़ी लोक गीत सुना रहें हैं-
बेल तरी बेलन बेलन तरी ढोल-
येही डोंगरी मा सजन भाई मोर-
जान पारही का गा-
ले जाहि का गा मोला-
राउत भईया मोर-
आमा ला टोरे खाहुच कहिके-
मोला दगा मा डारे-
आहुच कहिके...RK
Posted on: Oct 16, 2020. Tags: CG SONG SONG VICTIMS REGISTER
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर चोला-जस गीत...
ऋतिक ठाकुर ग्राम-मडपारा,नम्बर-वर्ड-03,जिला-दुर्ग (छत्तीसगढ़) से जस गीत सुना रहें है:
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर चोला-
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर नैना-
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर नैना-
नव दिन के तै पहुना बनके,नव दिन के तै पहुना बनके-
नव दिन के तै पहुना बनके,आजा वो नव रतिया माँ-
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर चोला-
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर चोला-
ककरो तै सहारा बने उऊ ककरो बने ज्योति-
ककरो बने अन के अस, ककरो बने तै बेटी-
ककरो घर मा टोला विराजे, ककरो मन के तीर-
कोनो हा तोला माटी माँ देखे कोनो हा मंदिर मा-
एही रदा माँ देखत देखत मन हा मोर जुडाथे-
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर चोला-
कब आही वो बेरा ओ दाई तरसत हे मोर चोला-
नव दिन के तै पहुना बनके,नव दिन के तै पहुना बनके...
