स्वास्थ्य स्वर : पेट दर्द का घरेलू उपचार-

जिला-टीकमगढ (मध्यप्रदेश) से वैद्य राघवेंद्र सिंह राय पेट दर्द का घरेलू उपचार बता रहे हैं हिंगोटा या इंगुवा के फल की गिरी को गुड़ मे मिलाकर मरीज को खिलाकर पानी का सेवन करायें, इससे लाभ हो सकता है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9336201343.

Posted on: Mar 08, 2020. Tags: HEALTH MP RAGHVENDRA SINGH RAI SONG TIKAMGARH VICTIMS REGISTER

कही पियासी चूमन किसने बताई रे...ओड़िया गीत-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक ओडिया गीत सुना रहे हैं:
कही पियासी चूमन किसने बताई रे-
आती चुलंगोला तू जिभु सुन्या होई रे-
घाई जाको मुकुलातू बन्दों ये ते बंधू रे-
आप मोल जुगो झाई, पोरो लागू कंदु रे-
तुजहा कू बिभा येलु साड़ी संखा गेई रे-
हाउ वछि सेही तोके हलू रुकी होई रे...

Posted on: Mar 08, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL KEWAT RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

स्वास्थ्य स्वर : पेशाब में होने वाली जलन का घरेलू उपचार-

प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गांधी पेशाब में होने वाली जलन का घरेलू उपचार बता रहे हैं, तिखुर कंद एक चम्मच लेकर एक गिलास पानी में घोलकर उसमे दो चम्मच मिश्री या शक्कर मिला लें और सरबत बनाकर सुबह शाम सेवन करें लाभ हो सकता है, ठण्डी चीजों का सेवन करें, पानी का सेवन करें, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: एच डी गाँधी@9111061399.

Posted on: Mar 08, 2020. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER

प्राकृतिक आपदा और सरकारी आपदा...

प्रकृति आपदा को तो हर किसी को सहना पड़ता है पर सरकारी आपदा को अक्सर गरीबो को झेलना पड़ रहा है, जो न चाहते हुये भी कष्टदायी है एसा नियम कानून बना है जो सब पर लागू होता है पर नेता, मंत्री, धनवान पहुच वाले सरकारी आपदा से वंचित रह जाते हैं, गरीब वर्ग गेहूं में घुन की तरह पिस जाते हैं पर प्रकृति आपदा से कोई नहीं बच पाता, प्रकृति आपदा गरीब और आमिर नहीं देखता, वह सभी पर एक समान बरसता है, सभी को एक सा कष्ट देता है जिसका बचने का कोई उपाय नहीं है इसका एक उपाय प्रकृति के साथ छेड़ छाड़ न करें |

Posted on: Mar 08, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

अहिसता अहिसता आ रहा फागुग...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
अहिसता अहिसता आ रहा फागुग-
पूर्णिमा का दिन-
आम चार तेंदू दूर रहा-
गरीब जनता रहा गुन-
कैसे मनाये होली का त्यौहार-
आम चार महुवा तेंदू बिन...

Posted on: Mar 08, 2020. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER

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