प्राकृतिक आपदा और सरकारी आपदा...
प्रकृति आपदा को तो हर किसी को सहना पड़ता है पर सरकारी आपदा को अक्सर गरीबो को झेलना पड़ रहा है, जो न चाहते हुये भी कष्टदायी है एसा नियम कानून बना है जो सब पर लागू होता है पर नेता, मंत्री, धनवान पहुच वाले सरकारी आपदा से वंचित रह जाते हैं, गरीब वर्ग गेहूं में घुन की तरह पिस जाते हैं पर प्रकृति आपदा से कोई नहीं बच पाता, प्रकृति आपदा गरीब और आमिर नहीं देखता, वह सभी पर एक समान बरसता है, सभी को एक सा कष्ट देता है जिसका बचने का कोई उपाय नहीं है इसका एक उपाय प्रकृति के साथ छेड़ छाड़ न करें |
